अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 11 अक्टूबर 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के खिलाफ एक बार फिर तीखा बयान देते हुए कहा है कि अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की रूस के साथ जारी युद्ध समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं, जबकि उनके पास समझौते करने के कई अवसर थे। इतना ही नहीं, ट्रंप ने अमेरिका में डीजल की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के लिए भी यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में अमेरिका के नेतृत्व में चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
ट्रंप बोले—ऐसा नेता चाहिए जो समझौता कर सके
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने शनिवार, 10 अक्टूबर को कहा कि यूक्रेन को ऐसा नया नेता चुनना चाहिए जो समझौता कर सके। उन्होंने जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कई समझौते कर सकते थे, लेकिन किसी कारण से ऐसा नहीं करते। ट्रंप के इस बयान से स्पष्ट है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जेलेंस्की की रणनीति से असंतुष्ट हैं और यूक्रेनी नेतृत्व पर समझौते के लिए दबाव बढ़ाना चाहते हैं।
हालांकि, ट्रंप के बयान से यह साबित नहीं होता कि युद्ध समाप्त करने के लिए समझौते की सभी शर्तें यूक्रेन की असहमति के कारण ही अटकी हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने की राह में सुरक्षा, क्षेत्रीय नियंत्रण और राजनीतिक शर्तों जैसे कई जटिल मुद्दे शामिल हैं। ट्रंप ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस विशेष समझौते या प्रस्ताव का उल्लेख कर रहे थे।
अमेरिका में डीजल महंगा, ट्रंप ने यूक्रेन पर उठाए सवाल
ट्रंप ने अमेरिकी डीजल की रिकॉर्ड कीमतों को लेकर भी जेलेंस्की को निशाने पर लिया। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के नेतृत्व में ईरान में चल रहे युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। तेल की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति, क्षेत्रीय संघर्ष और बाजार में अनिश्चितता का असर ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है।
ऐसे में अमेरिकी डीजल की महंगाई का पूरा दोष यूक्रेन पर डालना एक राजनीतिक दावा है, जिसकी पुष्टि के लिए आर्थिक आंकड़ों और ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों का विश्लेषण जरूरी है। ईंधन की कीमतें केवल एक देश की नीति से तय नहीं होतीं; अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें, आपूर्ति में रुकावटें, रिफाइनिंग लागत और घरेलू बाजार की परिस्थितियां भी इसमें भूमिका निभाती हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर बढ़ सकता है राजनीतिक दबाव
ट्रंप की टिप्पणी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति पर जारी बहस को और तेज कर सकती है। जेलेंस्की पर समझौते का दबाव डालने का मतलब यह है कि वॉशिंगटन युद्ध समाप्त करने के लिए यूक्रेन से अधिक लचीला रुख अपनाने की अपेक्षा कर रहा है। लेकिन किसी भी समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उसकी शर्तें दोनों पक्षों को स्वीकार्य हों और वह भविष्य में शांति तथा सुरक्षा की ठोस गारंटी दे सके।
ट्रंप के बयान का राजनीतिक महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसमें उन्होंने केवल युद्ध समाप्त करने की अपील नहीं की, बल्कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के नेतृत्व पर ही सवाल खड़ा कर दिया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जेलेंस्की और यूक्रेनी नेतृत्व इस टिप्पणी पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं तथा रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
फिलहाल, ट्रंप ने जेलेंस्की को पद छोड़ने की सलाह देकर यूक्रेन पर राजनीतिक दबाव बढ़ाया है। वहीं, अमेरिकी डीजल की महंगाई के लिए यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराने का उनका दावा वैश्विक ऊर्जा संकट की व्यापक परिस्थितियों के बीच जांच और बहस का विषय बना हुआ है।



