एबीसी नेशनल न्यूज | 14 जनवरी 2026
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को फांसी देने जैसी सख्त कार्रवाई की, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं और मानवाधिकारों को लेकर पूरी दुनिया में चिंता बढ़ रही है।डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, और किसी भी सरकार को यह हक नहीं है कि वह अपनी जनता की आवाज़ दबाने के लिए हिंसा या फांसी जैसे कदम उठाए। उन्होंने कहा कि अगर ईरानी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी, तो अमेरिका इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानेगा और इसके गंभीर परिणाम होंगे।
ईरान में इन दिनों महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट को लेकर जनता सड़कों पर उतर आई है। कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हुए हैं और सरकार पर आरोप है कि वह प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती से पेश आ रही है। कुछ मामलों में प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा दिए जाने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप का यह बयान सामने आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरानी जनता के साथ खड़ा है, न कि उन लोगों के साथ जो सत्ता के दम पर जनता को डराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर चुप न रहे और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाए।
इस चेतावनी के बाद ईरान-अमेरिका संबंधों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि “कड़ी कार्रवाई” से उनका क्या मतलब है, लेकिन उनके बयान को ईरान पर राजनयिक, आर्थिक या अन्य दबाव बढ़ाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का यह बयान ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और वहां की सरकार की कार्रवाइयों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अब यह देखना अहम होगा कि ईरानी सरकार इस चेतावनी पर क्या रुख अपनाती है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं।




