वॉशिंगटन / काहिरा, 6 अक्टूबर 2025 —
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उम्मीद जताई है कि ग़ाज़ा में अल्पसंख्यक बंधक “बहुत जल्दी” रिहा हो जाएंगे। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका फिलहाल ग़ाज़ा के लिए गहरी बातचीत में है और इस प्रक्रिया में बंधकों की आज़ादी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कहा है कि बंधकों की रिहाई के बिना सुरक्षा और स्थिरता हासिल नहीं हो सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हम रिहाई प्रक्रिया में देरी करते हैं, तो “सब कुछ दांव पर लग सकता है”। ट्रम्प ने यह विश्वास भी जताया कि हम एक ऐसे समय के करीब हैं जब इस समस्या का निपटारा संभव होगा।
यह बयान ऐसे समय में आए हैं जब मध्य पूर्व में अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता में नई शांति योजना पर बातचीत को गति दी जा रही है। इस योजना के तहत बंधकों की रिहाई, युद्धविराम और अन्य विवादित मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच समझौता किया जाना है।
हालाँकि इस दावे पर कई विश्लेषक और राजनयिक इस तरह की आशाओं को लेकर सतर्क हैं। पिछले अनुभव यह दिखाते हैं कि बंधकों की रिहाई जटिल प्रक्रिया है जिसमें सुरक्षा, राजनीतिक दबाव और लॉजिस्टिक चुनौतियाँ बड़ी बाधा बनती हैं।
इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कहा है कि बंधकों की रिहाई संभवतः “आने वाले दिनों में” की जाएगी, जबकि हामास और अन्य मध्यस्थ अभी भी इस प्रस्ताव की शर्तों पर विचार कर रहे हैं।
इस बीच, ग़ाज़ा युद्ध में बंधकों का मामला न केवल मानवीय संकट बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सैन्य रणनीति का केंद्र बन गया है। यदि ट्रम्प का कथन सच्चा साबित होता है, तो यह मध्य-पूर्व संघर्ष में एक बड़ा मोड़ हो सकता है — लेकिन अब इसे शब्दों से होने वाला वादा नहीं, बातचीत और कार्रवाई से सिद्ध करना होगा।




