सुमन कुमार | नई दिल्ली 29 दिसंबर 2025
देश का टेलीकॉम सेक्टर एक बार फिर बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ट्राई (TRAI) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि मोबाइल उपभोक्ताओं की पसंद तेज़ी से बदल रही है। सितंबर महीने में रिलायंस जियो ने सबसे ज़्यादा नए सक्रिय ग्राहक जोड़े, जबकि भारती एयरटेल की रफ्तार थोड़ी धीमी रही और वोडाफोन आइडिया (VI) को लगातार ग्राहकों के नुकसान का सामना करना पड़ा। आंकड़े साफ़ इशारा करते हैं कि बाज़ार में भरोसे और नेटवर्क की मज़बूती सबसे बड़ा फैक्टर बनती जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरे देश में कुल सक्रिय मोबाइल ग्राहकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। इसकी एक बड़ी वजह टैरिफ बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिसके चलते कई लोगों ने दूसरी सिम बंद कर दीं। आम उपभोक्ता अब कम सिम, लेकिन बेहतर सेवा की ओर झुक रहा है। इस माहौल में जियो को फ़ायदा मिला, जबकि VI के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण होते चले गए।
बीएसएनएल की बात करें तो उसने कुछ क्षेत्रों में नए ब्रॉडबैंड और वायरलेस ग्राहक जोड़े हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी अभी पूरी तरह दौड़ से बाहर नहीं हुई है। हालांकि, निजी कंपनियों के मुक़ाबले उसकी रफ्तार अब भी काफ़ी धीमी है।
वायरलाइन और फाइबर ब्रॉडबैंड के मोर्चे पर भी रिलायंस जियो सबसे आगे रहा, जहां बड़ी संख्या में नए कनेक्शन जुड़े। इससे साफ़ होता है कि आने वाला समय सिर्फ़ मोबाइल कॉल्स का नहीं, बल्कि तेज़ इंटरनेट और डेटा सेवाओं का है। कुल मिलाकर, ट्राई के ये आंकड़े बताते हैं कि टेलीकॉम बाज़ार में मुकाबला तेज़ है, लेकिन भरोसे और सेवा की लड़ाई में फिलहाल जियो सबसे मज़बूत स्थिति में नज़र आ रहा है, जबकि बाकी कंपनियों को टिके रहने के लिए नई रणनीति बनानी होगी।




