महेंद्र कुमार | 1 जनवरी 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर संविधान को लेकर अपनी चिंता और प्रतिबद्धता खुलकर सामने रखी है। उन्होंने कहा है कि भारत का संविधान हर एक आदमी की सुरक्षा करता है और इसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। राहुल गांधी का कहना है कि संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों के अधिकारों, सम्मान और बराबरी की गारंटी है।
राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि संविधान ने भारत को एकजुट रखा है—चाहे भाषा हो, धर्म हो, जाति हो या क्षेत्र। यही संविधान हर नागरिक को बोलने की आज़ादी, बराबरी का अधिकार और न्याय का भरोसा देता है। ऐसे में अगर इस ढांचे को कमजोर करने की कोशिश होती है, तो उसके खिलाफ आवाज़ उठाना हर जिम्मेदार नागरिक का फर्ज़ है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज देश में जो माहौल बन रहा है, उसमें संविधान की मूल भावना—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और भाईचारा—को लगातार चुनौती दी जा रही है। राहुल गांधी के मुताबिक, यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को बचाने की लड़ाई है। “जब तक संविधान सुरक्षित है, तब तक आम आदमी सुरक्षित है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन संविधान की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से अपील की कि वे संविधान को समझें, उससे जुड़े रहें और उसकी रक्षा के लिए आगे आएं।
कुल मिलाकर, राहुल गांधी का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक व्यापक संदेश है—कि संविधान कमजोर हुआ, तो लोकतंत्र कमजोर होगा। और इसी सोच के साथ, उन्होंने साफ कहा कि इस देश में संविधान को कमजोर करने की इजाज़त किसी को नहीं दी जा सकती।




