राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 14 जून 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत और वहां फंसे भारतीय समुद्री कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विदेशी शक्तियों के सामने झुक रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा सम्मान की रक्षा करने में विफल साबित हुई है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “कॉम्प्रोमाइज्ड प्रधानमंत्री के राज में एक भारतीय होने का मतलब दुर्गति है। विदेशी ताकत हमारे नागरिकों को मारती है। हमारी सरकार एक आज्ञाकारी नौकर की तरह चुपचाप आदेश मान लेती है और हमारे नागरिक सड़ने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। इस भारतीय को घर लाइए। अभी।”
राहुल गांधी की यह प्रतिक्रिया उस वीडियो के सामने आने के बाद आई है जिसमें ओमान के पास लंगर डाले एक जहाज के भारतीय कप्तान ने दावा किया कि उनके एक साथी अधिकारी की दो दिन पहले मौत हो चुकी है और शव जहाज पर ही पड़ा हुआ है। कप्तान ने आरोप लगाया कि भारतीय दूतावास से संपर्क करने के बावजूद कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली और जहाज संचालित करने वाली कंपनी भी कर्मचारियों से दूरी बना रही है। वीडियो में जहाज पर मौजूद अन्य भारतीय कर्मचारी भी मदद की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी का कहना है कि जब भारतीय नागरिक विदेशों में संकट का सामना कर रहे हैं, तब केंद्र सरकार को अधिक सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अमेरिकी दबाव के सामने कठोर रुख अपनाने से बच रही है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ओमान तट के पास हालिया सैन्य घटनाओं में भारतीय नाविकों की मौत और व्यावसायिक जहाजों पर हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना हुआ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत कर भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज करा चुके हैं और कहा है कि व्यावसायिक जहाजों के खिलाफ ऐसी घातक कार्रवाई उचित नहीं ठहराई जा सकती।
राहुल गांधी ने अपने बयान के जरिए मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में अपेक्षित दृढ़ता नहीं दिखा रही है। विपक्ष का कहना है कि जब भारतीयों की जान और सम्मान का सवाल हो तो भारत को किसी भी देश के सामने स्पष्ट और मजबूत रुख अपनाना चाहिए।
वहीं सरकार और भाजपा नेताओं का कहना है कि भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों तथा संबंधित एजेंसियों के माध्यम से प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय नाविकों की सुरक्षा, विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष इसे सरकार की कूटनीतिक कमजोरी का उदाहरण बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दे रहा है।




