राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 14 जून 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच पार्टी सांसद कीर्ति आजाद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व और उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस किसी को विरासत में नहीं मिली, बल्कि यह पार्टी ममता बनर्जी के दशकों लंबे संघर्ष, त्याग और जनता के भरोसे की बदौलत खड़ी हुई है।
कीर्ति आजाद ने कहा कि वर्ष 2024 में ममता बनर्जी ने उन्हें बिहार से पश्चिम बंगाल लाकर वर्धमान लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने और सांसद बनने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके प्रति ममता बनर्जी के विश्वास का प्रतीक है और वह इसे कभी नहीं भूल सकते।
TMC सांसद ने कहा कि ममता बनर्जी ने पार्टी को खड़ा करने के लिए असाधारण संघर्ष किया है। उन्होंने याद दिलाया कि ममता बनर्जी ने राजनीतिक जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, सड़कों पर आंदोलन किए, लाठियां खाईं, गंभीर चोटें झेलीं और लगातार संघर्ष करते हुए पार्टी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। उनके अनुसार, आज जो नेता खुद को बड़ा राजनीतिक चेहरा मानते हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि ममता बनर्जी के नेतृत्व और जनता के समर्थन की वजह से ही उन्हें सांसद और विधायक बनने का अवसर मिला।
कीर्ति आजाद ने भावुक अंदाज में कहा कि उनका और ममता बनर्जी का रिश्ता बड़ी बहन और छोटे भाई जैसा है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उन्हें बिहार की राजनीति से निकालकर बंगाल की राजनीति में नई पहचान और मंच दिया, जिसके लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे।
लोकतंत्र और विपक्षी एकता के सवाल पर कीर्ति आजाद ने कहा कि यदि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ी तो वाम दलों सहित अन्य राजनीतिक शक्तियों के साथ भी सहयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजनीति में परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन बनते और बदलते रहते हैं। जिन दलों का कभी विरोध किया जाता था, समय आने पर उन्हीं के साथ साझा मुद्दों पर सहयोग भी देखा गया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में सबसे बड़ी प्राथमिकता लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा होनी चाहिए। कीर्ति आजाद के इस बयान को TMC में जारी बगावत और विपक्षी राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण को लेकर चर्चाएं तेज हैं।




