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ज़िले से सुप्रीम कोर्ट तक मजबूत होगी कानूनी लड़ाई : अभिषेक मनु सिंघवी

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आलोक कुमार | नई दिल्ली 7 जनवरी 2026

कांग्रेस के AICC लॉ, RTI और मानवाधिकार विभाग के चेयरमैन अभिषेक मनु सिंघवी ने पार्टी के संगठनात्मक और कानूनी ढांचे को मजबूत करने को लेकर एक विस्तृत और महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस त्रि-आयामी विभाग का नेतृत्व करने का सौभाग्य मिला है, जो सिर्फ कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि RTI और मानवाधिकार जैसे अहम मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि कुछ महीने पहले विज्ञान भवन में आयोजित ऑल इंडिया लेवल मीटिंग बेहद सफल रही थी, जिसमें देश के हर कोने से प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उसी बैठक को आगे बढ़ाते हुए अब कांग्रेस ने संगठन को ज़मीनी स्तर तक मजबूत करने का ठोस रोडमैप तैयार किया है।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में, राहुल गांधी की ज़िला इकाइयों को मजबूत करने की पहल के अनुरूप, देश के हर प्रशासनिक ज़िले में कानून, RTI और मानवाधिकार से जुड़े कम से कम 5 वरिष्ठ लोगों की टीम बनाई जाएगी। ये लोग पार्टी के लिए ज़मीन पर “आंख और कान” की तरह काम करेंगे—समन्वयक, सक्रिय कार्यकर्ता और मुद्दों को आगे बढ़ाने वाले चेहरे बनेंगे। इन टीमों की अंतिम सूची राज्य अध्यक्षों के साथ सलाह कर तैयार की जाएगी, और जहां राज्य अध्यक्ष नहीं हैं, वहां केंद्रीय स्तर से नाम तय किए जाएंगे।

दूसरा अहम फैसला राज्य स्तर पर Rapid Response Force (RRF) को सक्रिय करने का है। हर राज्य में कम से कम 5 वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की टीम बनाई जाएगी, जो अदालतों में कांग्रेस की ओर से तुरंत कार्रवाई कर सकेगी—मामले उठाना, राहत मांगना और कानूनी प्रक्रिया को गति देना। इसके लिए पार्टी ने 4 से 6 हफ्ते की समय-सीमा तय की है।

तीसरा कदम पूरे देश के लिए एक ऑल इंडिया डायरेक्टरी बनाने का है। यह डायरेक्टरी राज्यवार और नाम के आधार पर सर्च की जा सकेगी, जिसमें लॉ, RTI और मानवाधिकार से जुड़े सभी कांग्रेस पदाधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके लिए भी 4 से 6 हफ्ते का लक्ष्य रखा गया है।

अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण पहल युवाओं को जोड़ने की है। सिंघवी ने कहा कि 21 से 30 वर्ष की उम्र के युवा, जो कांग्रेस से जुड़ना चाहते हैं और कानून, RTI या मानवाधिकार के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उन्हें एक इंटर्नशिप प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में ये युवा कांग्रेस के 127 सांसदों के साथ काम करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन युवाओं का कांग्रेस का औपचारिक सदस्य होना जरूरी नहीं है। अगर यह मॉडल सफल रहा, तो इसे आगे चलकर हर विधायक और विधानसभा स्तर तक फैलाया जाएगा।

अभिषेक मनु सिंघवी ने बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों का आभार जताते हुए कहा कि देशभर से लोगों की भागीदारी रही, जो कांग्रेस की व्यापक सोच को दर्शाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन सभी पहलों को जल्द ही एक साथ जोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

कुल मिलाकर, कांग्रेस का यह कदम पार्टी को कानूनी, सूचना अधिकार और मानवाधिकार के मोर्चे पर अधिक आक्रामक, संगठित और ज़मीनी स्तर पर सक्रिय बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

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