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‘द केरल स्टोरी 2’ पर महाघमासान: प्रोपेगेंडा बनाम सच की बहस, सितारों से सियासत तक टकराव

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एबीसी नेशनल न्यूज | मुंबई / कोच्चि | 22 फरवरी 2026

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ अपनी रिलीज से पहले ही बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है। ट्रेलर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर सोशल मीडिया, फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस शुरू हो गई है। खास तौर पर ट्रेलर के एक दृश्य — जिसमें एक महिला को जबरन बीफ खिलाते हुए दिखाया गया — ने विवाद को और भड़का दिया है। आलोचकों का कहना है कि यह दृश्य धार्मिक संवेदनशीलता को प्रभावित करता है और समाज में गलत संदेश दे सकता है, जबकि समर्थकों का दावा है कि फिल्म एक संवेदनशील मुद्दे को दिखाने की कोशिश कर रही है। रिलीज से पहले ही यह बहस अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक जिम्मेदारी के मुद्दे में बदलती नजर आ रही है।

प्रकाश राज का ट्वीट

इस विवाद के बीच अभिनेता प्रकाश राज का X (ट्विटर) पोस्ट तेजी से वायरल हो गया। उन्होंने फिल्म पर सीधे बयान देने के बजाय केरल के पारंपरिक बीफ, पोर्क, मछली और शाकाहारी व्यंजनों की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि “असल केरल स्टोरी यह है कि पोर्क, बीफ, मछली और शाकाहारी सद्या सौहार्द के साथ एक ही समाज में मौजूद हैं।” प्रकाश राज का यह पोस्ट फिल्म के कथित विभाजनकारी नैरेटिव पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने केरल की बहुसांस्कृतिक और बहु-खाद्य परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य की पहचान विविधता और सह-अस्तित्व से बनती है, न कि डर और टकराव से। उनके इस पोस्ट पर सोशल मीडिया में समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिले, जिससे विवाद और तेज हो गया।

अनुराग कश्यप ने क्या बोला

 

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी फिल्म की तीखी आलोचना करते हुए इसे “बकवास प्रोपेगेंडा” करार दिया। मीडिया से बातचीत में कश्यप ने कहा कि ट्रेलर का बीफ वाला दृश्य अवास्तविक लगता है और फिल्म समाज में गलत धारणाएँ पैदा कर सकती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी फिल्मों का उद्देश्य अक्सर संवेदनशील मुद्दों को सनसनीखेज बनाकर व्यावसायिक लाभ उठाना होता है। कश्यप के इस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी बहस छेड़ दी है, जहाँ कुछ कलाकार उनकी राय से सहमत दिखे, जबकि कुछ ने इसे रचनात्मक अभिव्यक्ति पर हमला बताया।

केरल के मुख्यमंत्री नाराज़

विवाद केवल फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन सहित कई नेताओं ने फिल्म को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला बताया और इसके प्रभाव पर चिंता जताई। वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने फिल्म के नैरेटिव को विभाजनकारी बताते हुए आलोचना की। दूसरी ओर फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि फिल्म वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और समाज के एक गंभीर पहलू को सामने लाने का प्रयास करती है। उनका कहना है कि सिनेमा को असहज सवाल उठाने का अधिकार होना चाहिए और किसी फिल्म को देखे बिना उसे प्रोपेगेंडा कहना उचित नहीं है।

कानूनी स्तर पर भी फिल्म को चुनौती मिली है। केरल हाईकोर्ट में फिल्म के कुछ दृश्यों और विषयवस्तु को लेकर याचिका दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। अदालत ने निर्माताओं और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है, जिससे विवाद को कानूनी आयाम भी मिल गया है। सेंसर प्रमाणपत्र मिलने के बावजूद फिल्म की सामग्री पर बहस जारी है और रिलीज से पहले ही यह मामला सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

शशि थरूर और विपुल शाह ने क्या कहा!!

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ को लेकर तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह फिल्म पहली किस्त की तरह विभाजनकारी नैरेटिव को बढ़ावा देती है और समाज में नफरत फैलाने का खतरा पैदा करती है। नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान थरूर ने कहा कि मूल फिल्म में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण के जो आंकड़े दिखाए गए थे, वे तथ्यों पर आधारित नहीं थे और उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि इक्का-दुक्का घटनाओं को व्यापक साजिश के रूप में प्रस्तुत करना समाज में डर और गलतफहमी पैदा करता है। थरूर ने पुराने दौर की फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्में सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देती थीं, जबकि ऐसी फिल्मों का उद्देश्य लोगों के मन में विभाजन पैदा करना नहीं होना चाहिए।

फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित विषयों को सिनेमा में दिखाने पर आपत्ति करना और फिल्मों को सामाजिक अशांति के लिए जिम्मेदार ठहराना विडंबनापूर्ण है। उनका तर्क है कि जब वास्तविक अपराध सामने आते हैं तो उतना विरोध नहीं होता, लेकिन उनके सिनेमाई चित्रण पर विवाद खड़ा हो जाता है। इस बीच फिल्म के ट्रेलर और केरल की छवि के चित्रण को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर होने से मामला कानूनी दायरे में भी पहुंच गया है, जबकि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी फिल्म की आलोचना करते हुए इसे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने जा रही यह फिल्म अब सिनेमा, राजनीति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गई है।

यह फिल्म 2023 में आई विवादित फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ का सीक्वल है और 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। रिलीज से पहले ही जिस तरह से कलाकारों, राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ वैचारिक बहस का भी केंद्र बनने वाली है। प्रकाश राज और अनुराग कश्यप की टिप्पणियों ने इस विवाद को और अधिक तीखा बना दिया है, और अब सबकी नजर फिल्म की रिलीज तथा उसके बाद होने वाली प्रतिक्रियाओं पर टिकी है।

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