अवधेश कुमार | नई दिल्ली 27 दिसंबर 2025
कांग्रेस ने कह है कि मोदी सरकार देश के अरबपतियों को लाखों-करोड़ रुपये दे देती है, लेकिन उनके पास गरीबों के लिए पैसा नहीं है। ये दिखाता है कि नरेंद्र मोदी को गरीबों की कोई चिंता नहीं हैं, उन्हें बस अपने अमीर दोस्तों की चिंता है। मोदी सरकार पिछले 11 साल में अमीरों का लगभग 18 लाख करोड़ का कर्ज माफ कर चुकी है। लाखों करोड़ की योजनाएं दोस्तों में बांट चुकी है लेकिन देश की सबसे गरीब जनता के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में महत्वपूर्ण फैसला लिया गय कि मनरेगा को समाप्त किए जाने के खिलाफ कांग्रेस देशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी। यह आंदोलन 5 जनवरी से शुरू होगा।
कांग्रेस का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनरेगा को कत्ल कर के न सिर्फ महात्मा गांधी का अपमान किया है बल्कि देश के गरीबों को भी खत्म करने का काम किया है। खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार यह कहती है कि हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं, तो उन्होंने मनरेगा योजना को तबाह क्यों किया? खड़गे ने कहा कि महात्मा गांधी की विचारधारा थी कि सबसे कमजोर तक, शोषितों और वंचितों तक को अधिकार मिलना चाहिए। परंतु मनरेगा को समाप्त कर देश के गरीबों के साथ बहुत बाद विश्वासघात किया गया है। इन्हीं सबके विरोध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि कांग्रेस जन आंदोलन कर सरकार को जगाने का प्रयास करेगी। हम गरीबों के साथ मिलकर उनके अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ते रहेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का नाम हटाना अपमान है। डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने काम के अधिकार पर आधारित कानून बनाया था। कांग्रेस सरकार ने जनता को अधिकार दिया, लेकिन मोदी सरकार सिर्फ नाम बदलने पर तुली है।
हम गरीबों के अधिकार को बचाने लिए देशव्यापी आंदोलन करेंगे और इस अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि पहले ‘मनरेगा’ में मजदूरी का भुगतान 90% केंद्र सरकार और 10% राज्य सरकार करती थी। अब उसे 60:40 के अनुपात में बांट दिया गया है। ऐसे में राज्य सरकारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जिससे राज्य में विकास कार्य नहीं हो पाएंगे। ‘मनरेगा’ पर ये एकतरफा निर्णय लिया गया है। मोदी सरकार ने न तो राज्य सरकारों से पूछा, न ही ग्राम पंचायत से। ये कानून सिर्फ गरीबों को कुचलने और उन्हें दबाने के लिए लाया गया है, इसलिए हम इसका विरोध करेंगे और लड़ते रहेंगे।




