अवधेश कुमार । नई दिल्ली 12 दिसंबर 2025
महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने आज बेहद तीखे शब्दों में केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि देशभर में लोग अपने “वोट के अधिकार” को बचाने के लिए अब सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं। उन्होंने घोषणा की कि 14 दिसंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में हजारों लोग एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लेंगे। अलका लांबा ने कहा कि यह सिर्फ एक रैली नहीं होगी, बल्कि जनता की तरफ से दी गई साफ चेतावनी होगी कि उनका अधिकार, उनकी आवाज और उनका वोट किसी कीमत पर छीना नहीं जा सकता।
अलका लांबा ने कहा कि इस आंदोलन का नारा होगा — “वोट चोर, गद्दी छोड़!” उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश में ऐसी ताकतें सत्ता में हैं जो जनता के अधिकारों को कमजोर कर रही हैं और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही हैं। उनके अनुसार बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग मिलकर देश के नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर जवाब देगी।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोगों में यह भावना तेजी से बढ़ रही है कि उनके वोट का सम्मान घटाया जा रहा है और चुनावी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब देश का संविधान खतरे में पड़ेगा, तो हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह आवाज उठाए। अलका लांबा ने स्पष्ट कहा—“हम संविधान पर आंच नहीं आने देंगे। यह देश संविधान से चलता है, किसी एक व्यक्ति की इच्छा से नहीं।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे 14 दिसंबर को बड़ी संख्या में रामलीला मैदान पहुंचें और इस संघर्ष का हिस्सा बनें। लांबा का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के आम आदमी, हर मतदाता और हर नागरिक की लड़ाई है, जो यह चाहता है कि उसका वोट सुरक्षित रहे, उसका अधिकार कायम रहे और देश का लोकतंत्र मजबूत हो।
अलका लांबा के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है, और अब सबकी नजरें 14 दिसंबर की उस विशाल सभा पर टिक गई हैं, जिसमें जनता अपनी ताकत और संकल्प दोनों का प्रदर्शन करेगी।




