महेंद्र कुमार । नई दिल्ली 12 दिसंबर 2025
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज सदन में देश की हवा की हालत पर बेहद गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत के ज्यादातर बड़े शहर आज जहरीली हवा की चादर के नीचे जीने को मजबूर हैं। करोड़ों बच्चे फेफड़ों की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, बुज़ुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है और लोगों में कैंसर जैसी घातक बीमारियाँ बढ़ती जा रही हैं। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरे की घंटी बन जाएगा।
राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीति या विचारधारा का नहीं है, बल्कि पूरे देश के नागरिकों की जिंदगी और स्वास्थ्य का है। उन्होंने सदन में कहा कि इस विषय पर सरकार और विपक्ष के बीच पूरा सहमति बन सकती है क्योंकि हर सांसद जानता है कि हवा का प्रदूषण किस तरह देशवासियों की जीवन गुणवत्ता को बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वह मुद्दा है जिस पर सभी दल मिलकर काम कर सकते हैं, क्योंकि हवा की कोई पार्टी या धर्म नहीं होता—यह सभी को समान रूप से प्रभावित करती है।
उन्होंने सरकार से स्पष्ट मांग की कि वह देश के हर बड़े शहर के लिए एक मजबूत, वैज्ञानिक और समयबद्ध योजना तैयार करे जिससे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस योजना में सरकार का पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले 5 से 10 सालों की एक लंबी, ठोस रणनीति तैयार की जानी चाहिए ताकि शहरों की हवा को धीरे-धीरे साफ किया जा सके और लोगों की जिंदगी आसान बन सके।
राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को स्वयं एक व्यवस्थित, वैज्ञानिक और लागू करने योग्य मास्टर प्लान हर शहर के लिए बनाकर सदन के सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विपक्ष इस मुद्दे पर साथ आएंगे तो देश को यह मजबूत संदेश जाएगा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हम जनता की भलाई के लिए एकजुट हो सकते हैं।
राहुल गांधी की इस अपील को देशभर में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह भाषण न सिर्फ प्रदूषण पर राष्ट्रीय बहस को नई दिशा देता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नेता विपक्ष ऐसे मुद्दों पर सहयोग की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं जिनका सीधा असर देश के हर आदमी की जिंदगी पर पड़ता है।




