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नए साल की शुरुआत से जेब पर बढ़ा बोझ

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महेंद्र कुमार | नई दिल्ली 2 जनवरी 2026

नया साल 2026 जहां नई उम्मीदें लेकर आया है, वहीं इसकी पहली सुबह ही आम आदमी की जेब पर भारी पड़ती दिख रही है। 1 जनवरी से कई ज़रूरी और इस्तेमाल की चीज़ों के दाम बढ़ गए हैं और अब इसी कड़ी में सिगरेट और तंबाकू के शौकीन लोगों के लिए भी बुरी खबर सामने आई है। सरकार की ओर से तंबाकू उत्पादों पर GST और सेस बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, जिससे धूम्रपान करना आने वाले समय में और महंगा हो जाएगा।

कमर्शियल गैस सिलेंडर: कारोबारियों पर सीधा असर
नए साल के पहले दिन 19 किलो वाले कमर्शियल LPG गैस सिलेंडर के दाम में 100 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी गई। होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के लिए यह सीधा झटका है। आशंका है कि बढ़ी लागत का असर खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं, जिससे आम परिवारों को थोड़ी राहत मिली है।

कार खरीदना अब और भारी पड़ेगा

अगर आप 2026 में नई कार लेने का मन बना रहे हैं तो जेब ढीली करनी पड़ेगी। कई बड़ी ऑटो कंपनियों ने 1 जनवरी से अपने वाहनों की कीमतें बढ़ा दी हैं। कंपनियों का तर्क है कि कच्चे माल, उत्पादन और ट्रांसपोर्ट की लागत लगातार बढ़ रही है। इसका असर छोटी कारों से लेकर लग्ज़री गाड़ियों तक सभी सेगमेंट में साफ नजर आ रहा है।

AC और फ्रिज भी हुए महंगे

नए बीईई (BEE) स्टार रेटिंग नियम लागू होने के बाद एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में भी इज़ाफा हुआ है। कंपनियों को नए मानकों के अनुसार तकनीक और डिजाइन बदलनी पड़ी है, जिससे लागत बढ़ी और उसका बोझ सीधे ग्राहकों पर आ गया। बाजार में इन उपकरणों के दाम 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ते दिख रहे हैं।

अब सिगरेट और तंबाकू पर भी महंगाई की मार

महंगाई की इस सूची में अब सिगरेट और तंबाकू उत्पाद भी शामिल होने वाले हैं। सरकार स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इन पर GST और अतिरिक्त सेस बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। प्रस्तावित नई कर दरें लागू होते ही सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में साफ बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मतलब साफ है—धूम्रपान करने वालों को अब पहले से ज्यादा खर्च करना होगा।

कहीं राहत, कहीं मार

महंगाई के बीच थोड़ी राहत की खबर भी है। पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के दामों में कुछ शहरों में हल्की कटौती की गई है, जिससे घरेलू गैस बिल में मामूली कमी आ सकती है। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो महंगाई का पलड़ा भारी ही नजर आ रहा है।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतें बढ़ना, परिवहन खर्च, उत्पादन लागत और सरकारी कर नीतियों में बदलाव—ये सभी महंगाई की बड़ी वजहें हैं। कंपनियां और सरकारें, दोनों ही बढ़ी हुई लागत का असर अब आम लोगों तक पहुंचा रही हैं।

1 जनवरी 2026 से नए साल की शुरुआत जहां उम्मीदों के साथ हुई, वहीं महंगाई ने लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को और महंगा बना दिया है। गैस, गाड़ियां, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अब सिगरेट-तंबाकू—हर तरफ बढ़ती कीमतें आम आदमी की चिंता बढ़ा रही हैं। आने वाले समय में निगाहें इस पर रहेंगी कि क्या सरकार आम लोगों को कोई ठोस राहत दे पाती है या नहीं।

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