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हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: UAE पर ड्रोन-मिसाइल हमला, अमेरिका-ईरान आमने-सामने

अंतरराष्ट्रीय | एजेंसी / ABC NATIONAL NEWS | दुबई/वॉशिंगटन/तेहरान | 5 मई 2026

यूएई पर हमले से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव उस समय और बढ़ गया जब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया कि उसकी सेना ईरान की ओर से आए ड्रोन और मिसाइल हमले का जवाब दे रही है। फुजैरा स्थित एक तेल प्रतिष्ठान में आग लगने की भी सूचना दी गई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। हालांकि ईरान की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया है।

अमेरिका-ईरान के दावे आमने-सामने

स्थिति उस समय और जटिल हो गई जब ईरानी मीडिया ने दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नौसेना की चेतावनी को नजरअंदाज करने पर अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइलें दागी गईं। दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है। दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों ने हालात को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी तल्खी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने हॉर्मुज में अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो उसे “धरती से मिटा दिया जाएगा।” ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैन्य संसाधनों को मजबूत कर लिया है और जरूरत पड़ने पर वह किसी भी स्तर तक कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की कई नौकाओं को नष्ट किया है और हमलों को विफल किया है।

ईरान का जवाब—हॉर्मुज पर अधिकार का दावा

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने स्पष्ट कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन करना ईरान का “वैध अधिकार” है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर उस पर युद्ध थोपा गया तो वह निर्णायक जवाब देगा। ईरान लगातार यह संकेत दे रहा है कि वह अमेरिकी दबाव को स्वीकार करने के मूड में नहीं है और क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति बनाए रखेगा।

मध्य पूर्व में बढ़ती जटिलताएं और संघर्ष का विस्तार

इस बीच, लेबनान में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच झड़पों की खबरें सामने आई हैं। दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में भारी गोलाबारी हुई है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल को इस संघर्ष में अपेक्षा से अधिक सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है, जिससे आंतरिक दबाव भी बढ़ रहा है।

जॉर्डन समेत कई देशों की प्रतिक्रिया

जॉर्डन ने यूएई के साथ “पूर्ण एकजुटता” जताते हुए ईरान के कथित हमलों की निंदा की है। जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफदी ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया। खाड़ी देशों में भी इस घटनाक्रम को लेकर चिंता बढ़ रही है, हालांकि कई देश सीधे टकराव से बचने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

रणनीतिक महत्व और वैश्विक असर

हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यहां बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है। किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर तेल कीमतों, व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर सीधा पड़ सकता है।

संघर्ष के कगार पर खड़ा क्षेत्र

कुल मिलाकर, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूदा हालात मध्य पूर्व को एक बड़े संघर्ष के करीब ले जाते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी, यूएई पर हमले के दावे और क्षेत्रीय शक्तियों की सक्रियता इस बात का संकेत है कि स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अब नजर इस पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस संकट को टाल पाएंगे या आने वाले दिनों में यह टकराव और गहराएगा।

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