बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 14 जुलाई 2026
भारत और चीन के बीच व्यापार लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में चीन से भारत का आयात 21.8 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 79.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह आंकड़ा मंगलवार को चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों में सामने आया।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच भारत और चीन के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 91.72 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 23.6 प्रतिशत अधिक है। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए दोनों देशों के बीच वर्ष 2026 में कुल व्यापार 2025 के 155.62 अरब डॉलर के रिकॉर्ड को भी पार कर सकता है।
चीन एक बार फिर वस्तुओं के व्यापार (Goods Trade) में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। हालांकि, भारत का व्यापार घाटा (Trade Deficit) लगातार बढ़ता जा रहा है, क्योंकि चीन से आयात की तुलना में भारत का निर्यात काफी कम है। पहली छमाही में भारत का चीन को निर्यात लगभग 12.31 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 37 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन आयात की तुलना में यह अभी भी काफी कम है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय नीति-निर्माताओं की चिंता केवल व्यापार घाटे के आकार को लेकर नहीं है, बल्कि इस बात को लेकर भी है कि चीन से आयात होने वाले उत्पादों में इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, औद्योगिक उपकरण और विनिर्माण क्षेत्र के कच्चे माल जैसी रणनीतिक वस्तुओं का बड़ा हिस्सा शामिल है। इससे भारतीय उद्योग की निर्भरता चीन पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो वर्ष 2026 भारत-चीन व्यापार के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा वर्ष साबित हो सकता है। हालांकि, व्यापार संतुलन बनाए रखने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की चुनौती भारत के सामने बनी रहेगी।
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