एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 22 फरवरी 2026
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मामले ने धार्मिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज कर दी है। प्रयागराज की विशेष POCSO अदालत के आदेश पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद तथा 2–3 अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (मूल नाम आशुतोष पांडेय) को लेकर भी विवाद सामने आया है। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, आशुतोष शामली जिले के कांधला थाना क्षेत्र के निवासी बताए जाते हैं और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के दावे किए जा रहे हैं। इनमें गोवध अधिनियम, आईटी एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी और धमकी से जुड़े मामले शामिल बताए जाते हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि कुछ मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है तथा उन्हें स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर के रूप में दर्ज बताया गया है।
शंकराचार्य के शिष्य योगीराज ने आशुतोष से जुड़े कथित आपराधिक रिकॉर्ड को मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर प्रस्तुत करने का दावा किया है। वहीं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भी मीडिया से बातचीत में शिकायतकर्ता की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस व्यवस्था में हिस्ट्रीशीटर उस व्यक्ति को माना जाता है, जिसके खिलाफ बार-बार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप हों और जिस पर निगरानी रखी जाती हो। हालांकि किसी भी व्यक्ति की आपराधिक स्थिति का अंतिम निर्धारण न्यायालय के निर्णय के बाद ही होता है।
आशुतोष से जुड़ी एक अन्य जानकारी यह भी सामने आई है कि उन्होंने वर्ष 2022 में जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी और बाद में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से जुड़े पद पर सक्रिय हुए।
फिलहाल अदालत के आदेश पर दर्ज मामले की जांच जारी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस पूरे प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




