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राम मंदिर दान विवाद: RSS के बयान पर पवन खेड़ा का हमला, बोले- ‘भेड़ की खाल में भेड़िया है संघ’

ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 3 जुलाई 2026

अयोध्या राम मंदिर दान विवाद को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पहले आधिकारिक बयान के बाद देश की राजनीति और गरमा गई है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए संघ को “भेड़ की खाल में छिपा भेड़िया” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ का ताजा बयान करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को न्याय दिलाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी छवि बचाने और पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश है।

‘संघ सच्चाई नहीं, अपनी छवि बचा रहा है’

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि दत्तात्रेय होसबाले का बयान राम मंदिर के करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान में कथित गड़बड़ी की सच्चाई सामने लाने के लिए नहीं, बल्कि संघ की छवि बचाने का एक “कुत्सित प्रयास” है। उन्होंने कहा कि RSS का यह रवैया बताता है कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से ज्यादा अपनी प्रतिष्ठा बचाने को प्राथमिकता दे रहा है।

‘एसआईटी पहले बनी, FIR बाद में… कई सवाल बाकी’

कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया और उसके बाद एफआईआर दर्ज हुई। खेड़ा का आरोप है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए बिना पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया, जिससे यह आशंका पैदा होती है कि कहीं बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने और छोटे लोगों पर कार्रवाई का रास्ता तो नहीं तैयार किया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि “बड़े मगरमच्छों को बचाकर छोटी मछलियों की बलि” देने की कोशिश हो रही है।

‘करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर लगी चोट’

पवन खेड़ा ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर गहरी चोट है। उन्होंने कहा कि संघ का ताजा बयान उन लोगों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है, जो इस पूरे घटनाक्रम से आहत हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

‘यदि ईमानदार होते तो इतनी बड़ी लूट नहीं होती’

कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि संघ वास्तव में श्रद्धालुओं के दान और मंदिर के कोष की सुरक्षा के प्रति ईमानदार होता, तो जिस व्यवस्था और संचालन पर उसके विचारों से जुड़े लोगों का प्रभाव माना जाता है, वहां इतनी बड़ी कथित गड़बड़ी कभी नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के बजाय बयानबाजी के जरिए ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘मुँह में राम, बगल में छुरी’

पवन खेड़ा ने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि संघ का असली चेहरा “मुँह में राम, बगल में छुरी” जैसा है। उनके अनुसार, राम का नाम केवल दिखावे के लिए लिया जाता है, जबकि वास्तविक मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही से बचने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान तभी होगा जब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाए।

RSS ने क्या कहा था?

इससे पहले RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि अयोध्या का राम मंदिर करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया है और उसकी सिफारिशों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है। होसबाले ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट रहने और इस मामले का इस्तेमाल कर समाज को बदनाम करने की किसी भी कोशिश से सावधान रहने की अपील की।

राम मंदिर दान विवाद पर RSS और कांग्रेस के बीच बढ़ी यह सीधी राजनीतिक टकराहट अब नए चरण में पहुंच गई है। एक ओर संघ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हिंदू समाज की एकजुटता की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर कांग्रेस इसे जवाबदेही से बचने और छवि बचाने का प्रयास बता रही है। अब देश की निगाहें जांच एजेंसियों की कार्रवाई और इस पूरे मामले के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी हैं।

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