नई दिल्ली 18 सितम्बर 2025
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब में आई भयंकर बाढ़ को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ ने लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर दी है। लाखों एकड़ धान की फसल नष्ट हो चुकी है, 10 लाख से ज़्यादा पशु मारे गए हैं और हज़ारों परिवार बेघर हो गए हैं। खेतों में लंबे समय तक खेती संभव नहीं है और कई गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने हाल ही में प्रभावित इलाकों का दौरा किया और वहां इंसानी त्रासदी के साथ-साथ इंसानियत की मिसाल भी देखी। लोग अपने घर अजनबियों के लिए खोल रहे हैं और खुद मुश्किल में होने के बावजूद दूसरों की मदद कर रहे हैं।
लेकिन केंद्र सरकार की ओर से घोषित ₹1600 करोड़ की प्रारंभिक राहत राशि को राहुल गांधी ने पंजाब के साथ अन्याय बताया। उन्होंने कहा, “पंजाब को कम से कम ₹20,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। ऐसे में यह संकट कहीं बड़ा और गंभीर है, जिसके लिए साहसिक कदम उठाने की ज़रूरत है। सरकार को तुरंत नुकसान का आकलन कर एक व्यापक राहत पैकेज जारी करना चाहिए।”
अंत में राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब फिर उठ खड़ा होगा, लेकिन इस कठिन घड़ी में हर किसान, हर सैनिक और हर परिवार को यह भरोसा दिलाना ज़रूरी है कि पूरा हिंदुस्तान उनके साथ खड़ा है। साफ है कि राहुल गांधी ने इस चिट्ठी के ज़रिए केंद्र पर दबाव बनाने के साथ-साथ पंजाब के लोगों के प्रति एकजुटता का संदेश भी दिया है।
राहुल गांधी की इस चिट्ठी में एक ओर केंद्र सरकार पर सीधा राजनीतिक टकराव दिखाई देता है, जहां उन्होंने ₹1600 करोड़ की राहत राशि को “पंजाब के साथ अन्याय” बताते हुए मोदी सरकार से कहीं बड़ी मदद की मांग की है, वहीं दूसरी ओर इसमें गहरी मानवीय संवेदना भी झलकती है, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों और सैनिकों का जिक्र कर यह संदेश दिया है कि राजनीति से परे इंसानियत और एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है और पूरे देश को पंजाब के साथ खड़ा होना चाहिए।




