राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 अगस्त 2026
कांग्रेस के भीतर पार्टी नेताओं की सक्रियता और आधिकारिक मुद्दों पर उनकी सार्वजनिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बुधवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए कथित ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ को लेकर नेताओं की चुप्पी पर नाराजगी जताई।
बैठक में खरगे ने कहा कि हल्द्वानी में उनके सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद हुए इस ‘शुद्धिकरण अनुष्ठान’ के मुद्दे को पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर नहीं उठाया। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के नेता अपेक्षित मजबूती के साथ अपनी आवाज नहीं उठा रहे हैं।
खरगे की नाराजगी के बाद राहुल गांधी ने पार्टी के सोशल मीडिया विभाग को नेताओं की सक्रियता पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत से कहा कि नियमित रिपोर्ट तैयार की जाए कि पार्टी के नेता किन मुद्दों पर पार्टी की आधिकारिक लाइन को आगे बढ़ा रहे हैं और कौन नेता ऐसा नहीं कर रहे हैं।
इस फैसले का मकसद पार्टी के आधिकारिक रुख और नेताओं की सार्वजनिक सक्रियता के बीच तालमेल को मजबूत करना माना जा रहा है। यानी अब पार्टी यह भी देखेगी कि उसके नेता महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक मंचों पर कितनी सक्रियता दिखा रहे हैं।
CWC की बंद कमरे में हुई बैठक में पार्टी के भीतर हालिया छात्र आंदोलनों को लेकर भी मतभेद सामने आया। वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी और राहुल गांधी के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आने की बात कही गई है।
कुल मिलाकर, CWC की बैठक में कांग्रेस के भीतर सामाजिक न्याय के मुद्दों पर आक्रामक रुख, नेताओं की सार्वजनिक सक्रियता और पार्टी लाइन के पालन को लेकर नेतृत्व की चिंता सामने आई है।




