राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 अगस्त 2026
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 82वीं जयंती पर गुरुवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उनके योगदान को नमन किया। नई दिल्ली के वीर भूमि पर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजीव गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। कांग्रेस इस दिन को सद्भावना दिवस के रूप में भी मनाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए उन्हें नमन किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए देश के विकास में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
राहुल गांधी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि भारतीयों के बीच सद्भाव, हर दिल में करुणा और प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार, न्याय और लोकतंत्र की भावना उनके लिए हमेशा प्रेरणा बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपने पिता के सपनों का भारत बनाने का संकल्प उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता रहेगा।
कांग्रेस नेताओं ने राजीव गांधी के कार्यकाल को भारत के आधुनिकीकरण, तकनीकी विकास और युवाओं को नई भूमिका देने से जोड़ते हुए उन्हें याद किया। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि राजीव गांधी युवाओं के बड़े समर्थकों में से एक थे और उनका विश्वास था कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माण की ताकत हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से आधुनिक और आर्थिक रूप से मजबूत भारत का राजीव गांधी का सपना आज भी कांग्रेस के लिए प्रेरणा और जिम्मेदारी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सद्भावना दिवस के मौके पर राजीव गांधी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत को 21वीं सदी की संभावनाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खरगे ने तकनीकी प्रगति, युवाओं, नए विचारों और सामाजिक सद्भाव के प्रति राजीव गांधी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि भारत की सहानुभूति, सद्भाव और मेल-मिलाप की भावना को मजबूत करना तथा युवाओं की आकांक्षाओं, बौद्धिक स्वतंत्रता और नवाचार को बढ़ावा देना होगी।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी राजीव गांधी को दूरदर्शी और गतिशील नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने भारत को 21वीं सदी के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया और उनका जीवन देश की एकता के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता राजीव गांधी के बताए रास्ते पर चलते हुए उनके सपनों के भारत के निर्माण के लिए काम करते रहेंगे।
राजीव गांधी का जन्म 20 अगस्त 1944 को हुआ था। वह वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश के प्रधानमंत्री बने और 1984 से 1989 तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल में कंप्यूटर और दूरसंचार तकनीक के विस्तार, प्रशासनिक आधुनिकीकरण और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलावों पर जोर दिया गया। हालांकि, उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान कई राजनीतिक विवाद भी सामने आए, जिनमें बोफोर्स सौदा प्रमुख रहा।
राजीव गांधी की राजनीतिक यात्रा कम उम्र में शुरू हुई और उनका जीवन भी कम उम्र में समाप्त हो गया। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में चुनाव प्रचार के दौरान LTTE से जुड़ी एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए विस्फोट में उनकी हत्या कर दी गई। इस हमले में राजीव गांधी समेत कई लोगों की मौत हुई थी। उनकी मृत्यु के बाद वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
राजीव गांधी की जयंती पर अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े नेताओं का उन्हें याद करना भारतीय राजनीति के उस दौर की भी याद दिलाता है, जब देश तेजी से तकनीकी और आर्थिक बदलावों की ओर बढ़ रहा था। उनके समर्थक उन्हें आधुनिक भारत की दिशा बदलने वाले नेताओं में गिनते हैं, जबकि उनके आलोचक उनके कार्यकाल से जुड़े विवादों और फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं। इन मतभेदों के बावजूद भारतीय राजनीति और आधुनिक भारत के निर्माण की चर्चा में राजीव गांधी का नाम आज भी एक महत्वपूर्ण अध्याय बना हुआ है।




