अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 9 अप्रैल 2026
नेपाल की राजनीति में उस वक्त बड़ा झटका लगा जब प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपने ही मंत्रिमंडल के सदस्य दीप कुमार साह को महज 15 दिन के भीतर पद से बर्खास्त कर दिया। इतनी कम अवधि में किसी मंत्री पर गिरी यह गाज राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में मंत्री की पत्नी से जुड़ा एक विवाद सामने आया, जिसने सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए। मामला सामने आते ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे गंभीरता से लिया और बिना देर किए कार्रवाई का फैसला कर लिया।
दीप कुमार साह को हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था, लेकिन विवाद ने उनके राजनीतिक करियर पर तत्काल असर डाल दिया। सरकार के अंदर यह संदेश देने की कोशिश भी साफ दिखी कि किसी भी तरह की विवादित गतिविधि या आरोपों पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री बालेन शाह का यह फैसला कई मायनों में अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां इसे प्रशासनिक सख्ती और पारदर्शिता के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक अस्थिरता का संकेत भी बता रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल में नई नेतृत्व शैली के तहत त्वरित फैसलों का दौर शुरू हो चुका है, जहां छवि और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि सरकार किसी भी विवाद को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। इस घटनाक्रम के बाद नेपाल की सियासत में आने वाले दिनों में और हलचल तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।




