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असम, केरल और पुडुचेरी में बंपर वोटिंग; लोकतंत्र के पर्व में जनता की भारी भागीदारी

राष्ट्रीय/राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | ब्यूरो रिपोर्ट | 9 अप्रैल 2026

असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव 2026 के तहत गुरुवार को मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। तीनों राज्यों में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कई जगहों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। चुनाव आयोग के अनुसार शाम तक मतदान प्रतिशत काफी ऊंचा दर्ज किया गया, जिससे साफ है कि इस बार जनता ने लोकतंत्र के इस महापर्व में सक्रिय भागीदारी निभाई।

पुडुचेरी में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला, जहां करीब 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 30 सीटों वाले इस केंद्र शासित प्रदेश में मतदाताओं ने रिकॉर्ड भागीदारी दिखाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अब तक के चुनावों में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत में से एक है, जिसने राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज कर दी हैं।

असम में भी मतदाताओं का जोश कम नहीं रहा। यहां 85.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य में मजबूत राजनीतिक रुचि और सत्ता को लेकर जनता की सजगता को दर्शाता है। 126 सीटों वाले इस राज्य में सत्ताधारी और विपक्ष दोनों के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है।

वहीं केरल में भी अच्छी भागीदारी दर्ज की गई, जहां 78.09 प्रतिशत वोटिंग हुई। 140 सीटों वाले इस राज्य में पारंपरिक रूप से मतदान प्रतिशत ऊंचा रहता है और इस बार भी मतदाताओं ने उस परंपरा को कायम रखा। शुरुआती घंटों से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ देखी गई थी, जो शाम तक जारी रही।

तीनों राज्यों में सुबह से ही मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई थी और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। कई जगहों पर महिला, युवा और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की भागीदारी खास तौर पर नजर आई। चुनाव आयोग ने भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए कड़े इंतजाम किए थे।

राजनीतिक दृष्टि से ये चुनाव बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। असम में जहां सत्ताधारी दल अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं केरल में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। पुडुचेरी में भी सीधा मुकाबला गठबंधनों के बीच है।

अब सभी की नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद नतीजे सामने आएंगे। ये चुनाव न सिर्फ राज्यों की सत्ता तय करेंगे, बल्कि आने वाले राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों की दिशा भी तय कर सकते हैं।

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