[the_ad id="179"]
Home » National » वीडियो जारी कर पवन खेड़ा का आरोप: मुस्लिम पहचान की आड़ में आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश!

वीडियो जारी कर पवन खेड़ा का आरोप: मुस्लिम पहचान की आड़ में आंदोलन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश!

कांग्रेस नेता ने X पर वीडियो साझा कर RSS-BJP पर साधा निशाना; पुलिस की वर्दी में बिना नेमप्लेट वाले लोगों, हिंदू रक्षा दल के हमले और लाठियों से भरी गाड़ी का किया जिक्र।

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026

दिल्ली में चुनावी पारदर्शिता, भयावह वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने वीडियो साझा कर RSS-BJP पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खेड़ा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर हमले के दौरान कुछ लोग बिना नेमप्लेट वाली पुलिस की वर्दी पहने दिखाई दे रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे कपड़े पहन रहे हैं जिन्हें मुस्लिम पहचान से जोड़कर देखा जाता है, ताकि पूरे आंदोलन को सांप्रदायिक रंग दिया जा सके। उन्होंने हिंदू रक्षा दल के सदस्यों पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने और एक ऐसे व्यक्ति का समर्थन करने का आरोप भी लगाया, जो उनके मुताबिक मुस्लिम पहचान के रूप में पेश हो रहा था, लेकिन वास्तव में मुस्लिम नहीं था। खेड़ा ने लाठियों से भरी गाड़ी को आड़ दिए जाने का भी जिक्र किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि RSS-BJP और उनके सहयोगियों का मकसद सांप्रदायिक विभाजन पैदा कर राजनीतिक लाभ हासिल करना और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मूल सवालों से ध्यान हटाना है।

‘कितना भयानक नजारा है!’—पवन खेड़ा ने उठाए सवाल

पवन खेड़ा ने X पर अपनी पोस्ट में लिखा, “कितना भयानक नज़ारा है यह! RSS-BJP कितनी चालाकी और धूर्तता से काम कर रही है?”

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग बिना नेमप्लेट वाली पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता कर रहे हैं। खेड़ा के मुताबिक, कुछ लोग ऐसे कपड़े भी पहन रहे हैं जिन्हें खास तौर पर मुस्लिम पहचान से जोड़कर देखा जाता है, ताकि आंदोलन को सांप्रदायिक रंग दिया जा सके।

खेड़ा ने वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस तरह की गतिविधियों के जरिए चुनावी पारदर्शिता और कथित वोट चोरी के मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। उनके आरोपों के बीच वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

हिंदू रक्षा दल और लाठियों से भरी गाड़ी का उल्लेख

कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में हिंदू रक्षा दल के सदस्यों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वे प्रदर्शनकारियों पर हमला कर रहे थे। उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने ‘सनातनी मुसलमान’ कहा। खेड़ा के अनुसार, वह व्यक्ति हिंदू रक्षा दल के सदस्यों का समर्थन करता दिखाई दिया और उसने गुंडों तथा लाठियों से भरी गाड़ी को भी आड़ दी। खेड़ा ने कहा कि वह व्यक्ति मुस्लिम नहीं है।

इस घटनाक्रम को लेकर पुलिस की भूमिका और संबंधित वाहन की जांच अहम है। यदि वाहन में लाठियां थीं और उसे लेकर शिकायत की गई थी, तो पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि वाहन की जांच हुई या नहीं और उसमें मौजूद लोगों की पहचान की गई या नहीं। इसी तरह, पुलिस की वर्दी पहने लोगों की पहचान और उनकी वास्तविक भूमिका भी जांच का विषय है।

‘मुसलमानों को बार-बार बलि का बकरा बनाया जाता है’

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि RSS-BJP और उनके सहयोगियों द्वारा बार-बार मुसलमानों को बलि का बकरा बनाया जाता है, जबकि असली राजनीतिक मुद्दा हिंदुओं के वोट, चुनावी जनादेश और चुनी हुई सरकारों से जुड़ा है।

उन्होंने कहा कि देश के लोगों को इस पैटर्न को समझना होगा। उनके मुताबिक, सांप्रदायिक विभाजन पैदा करके उसका इस्तेमाल राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए किया जाता है। खेड़ा ने मौजूदा प्रदर्शन को चुनावी पारदर्शिता, SIR और कथित वोट चोरी से जुड़े सवालों के संदर्भ में रखते हुए कहा कि सांप्रदायिक तनाव पैदा होने से आंदोलन के मूल मुद्दे पीछे छूट सकते हैं।

ये आरोप कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में लगाए हैं। RSS-BJP और संबंधित पक्षों का जवाब तथा वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं की जांच पूरे मामले को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।

पुलिस की वर्दी और प्रदर्शनकारियों पर हमले की जांच की मांग

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को रिपोर्टिंग से रोकने, हिरासत में लेने और प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट की घटनाओं को लेकर पहले ही सवाल उठ रहे हैं। पवन खेड़ा की पोस्ट ने पुलिस की वर्दी के कथित दुरुपयोग, लाठियों से भरी गाड़ी और धार्मिक पहचान के इस्तेमाल को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

दिल्ली पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की गई या नहीं, क्या संबंधित वाहन की जांच हुई और प्रदर्शनकारियों पर हमले के मामलों में क्या कार्रवाई की गई। यदि किसी ने पुलिस की वर्दी का अनुचित इस्तेमाल किया या सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

पवन खेड़ा ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि RSS-BJP का मकसद सांप्रदायिक विभाजन पैदा करना और उसका इस्तेमाल राजनीतिक सत्ता हासिल करने के लिए करना है। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं, संबंधित लोगों की पहचान और उनकी भूमिका के बारे में तथ्य स्पष्ट हो सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *