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एक का बेटा T20, दूसरे का बेटा E20, दोनों के पापा 420 : कन्हैया कुमार

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 जुलाई 2026

RSS और BJP की जोड़ी, दान और मतदान की चोरी, पेपर और पेट्रोल चोरी : कांग्रेस

“RSS और BJP की जोड़ी, दान और मतदान की चोरी, पेपर और पेट्रोल चोरी” — कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने E-20 पेट्रोल नीति, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, मंदिरों में चढ़ावे के विवाद और सरकार की जवाबदेही जैसे कई मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

कन्हैया कुमार ने अपने पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा, “एक का बेटा T20, दूसरे का बेटा E20, दोनों के पापा 420।” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

अपने दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा, “RSS और BJP की जोड़ी, दान और मतदान की चोरी, पेपर और पेट्रोल चोरी।” इसके जरिए उन्होंने चुनावी प्रक्रिया, मंदिरों में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और एथनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति को लेकर सरकार की आलोचना की।

कांग्रेस नेता ने हाल के परीक्षा विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि NEET के बाद UGC-NET का मामला भी सामने आया है। उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवाद युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा, “अबकी बार चोरों की सरकार।”

कन्हैया कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी यानी फुल पब्लिसिटी और जीरो अकाउंटेबिलिटी। मामला कोई भी हो—देश की सुरक्षा, पारदर्शी परीक्षा, चढ़ावे की चोरी, पेट्रोल में एथनॉल की गड़बड़ी, हाईवे पर गड्ढे या सरकारी घोटाले—प्रधानमंत्री जवाबदेही की जगह चुप्पी साध लेते हैं।” कांग्रेस का आरोप है कि सरकार प्रचार पर अधिक और जवाबदेही पर कम ध्यान देती है।

इस पूरे राजनीतिक विवाद के केंद्र में E-20 पेट्रोल है। E-20 का अर्थ है ऐसा पेट्रोल जिसमें 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल मिलाया जाता है। केंद्र सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक देशभर में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण लागू करना है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों—विशेषकर गन्ना उत्पादकों—की आय बढ़ेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

हालांकि विपक्ष इस नीति पर लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि E-20 ईंधन सभी पुराने वाहनों के लिए उपयुक्त नहीं है और इससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। कुछ ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ भी मानते हैं कि जिन इंजनों को E-20 के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, उनमें लंबे समय तक इस ईंधन के उपयोग से तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। विपक्ष यह भी आरोप लगाता है कि एथनॉल नीति के आर्थिक और तकनीकी प्रभावों को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। सरकार का कहना है कि एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययन, परीक्षण और चरणबद्ध रणनीति के तहत लागू किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, नई पीढ़ी के वाहन E-20 ईंधन के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं और यह नीति ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कन्हैया कुमार के इन बयानों ने E-20 पेट्रोल नीति को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। फिलहाल कांग्रेस के ताजा आरोपों पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

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