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हेमकुंड साहिब की ओर बढ़े निहंग, उत्तराखंड सीमा पर हाई वोल्टेज ड्रामा; बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ा जत्था

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | देहरादून | 26 जून 2026

उत्तराखंड-हिमाचल प्रदेश सीमा पर गुरुवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब बड़ी संख्या में निहंग सिखों का एक जत्था पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड तोड़कर हेमकुंड साहिब की ओर बढ़ गया। विकासनगर क्षेत्र के कुल्हाल चेकपोस्ट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

घटनास्थल से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कुल्हाल-विकासनगर सीमा किसी किले जैसी दिखाई दी, जहां दंगा-रोधी उपकरणों से लैस भारी पुलिस बल को कई परतों वाले लोहे के बैरिकेड के पीछे तैनात किया गया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने में सफल रहे, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई।

जानकारी के अनुसार, निहंग संगठनों का यह जत्था पंजाब के मोहाली स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां से रवाना हुआ था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे तब तक पंजाब वापस नहीं लौटेंगे, जब तक कर्णप्रयाग घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए चार निहंग सदस्यों को रिहा नहीं किया जाता।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए निहंगों के साथ अन्याय हुआ है और उनकी रिहाई तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने सीमा क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रदर्शनकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास भी कर रही है।

हेमकुंड साहिब देश के सबसे पवित्र सिख तीर्थस्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रा मार्ग पर उत्पन्न यह तनाव सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों का रुख फिलहाल नरम पड़ता नहीं दिख रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण बना रह सकता है।

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