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नाबालिगों के शोषण पर NHRC का Meta, MeitY और एटा प्रशासन को नोटिस

राष्ट्रीय/ बाल सुरक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने नाबालिग बच्चों के शोषण से जुड़े एक मामले में Meta, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और उत्तर प्रदेश के एटा जिला प्रशासन को नोटिस जारी किया है। आयोग ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि नाबालिग बच्चों को बार-बार स्क्रिप्टेड तरीके से ऐसे सोशल मीडिया वीडियो में इस्तेमाल किया गया, जिनमें आपत्तिजनक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील सामग्री शामिल थी। शिकायत के अनुसार, ये वीडियो एक Instagram अकाउंट से जुड़े थे, जिसे उत्तर प्रदेश के एटा जिले से संचालित किया जा रहा था। मामले में बच्चों की गरिमा, निजता, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल उठाए गए हैं। NHRC ने संबंधित पक्षों से इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है।

शिकायत में नाबालिग बच्चों की गरिमा, निजता और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि बच्चों को वीडियो में शामिल करने से पहले क्या उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों से उचित और सूचित सहमति ली गई थी। शिकायत में उन वयस्कों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है, जो बच्चों को इस तरह की सामग्री में शामिल करने या उसे तैयार कराने में भूमिका निभा रहे थे। बच्चों से जुड़ी सामग्री को सोशल मीडिया पर बार-बार अपलोड और प्रसारित किए जाने को भी शिकायत में प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। मामले में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि नाबालिगों की पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए और सामग्री तैयार करने तथा प्रसारित करने की प्रक्रिया में उनकी सुरक्षा को किस तरह सुनिश्चित किया गया।

NHRC ने Meta से विशेष रूप से यह बताने को कहा है कि संबंधित सामग्री को बार-बार सोशल मीडिया पर कैसे अपलोड और प्रसारित किया गया। आयोग ने यह जानकारी भी मांगी है कि इस सामग्री से किसी प्रकार का मौद्रीकरण या व्यावसायिक लाभ हुआ था या नहीं। इसके अलावा Meta से यह बताने को कहा गया है कि संबंधित सामग्री और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए गए तथा मामले की जानकारी मिलने के बाद सामग्री के संबंध में क्या कार्रवाई की गई। सोशल मीडिया पर नाबालिगों से जुड़ी संवेदनशील सामग्री के प्रसार के मामले में डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि जांच में यह पता लगाना आवश्यक हो सकता है कि सामग्री किसने तैयार की, किसने अपलोड की और किस स्तर तक उसका प्रसार हुआ।

आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और एटा जिला प्रशासन से भी जवाब मांगा है। शिकायत में जिस Instagram अकाउंट को एटा जिले से संचालित किए जाने की बात कही गई है, उसके संबंध में स्थानीय प्रशासन के पास उपलब्ध जानकारी और अब तक की गई कार्रवाई भी जांच का हिस्सा हो सकती है। जिला प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा जा सकता है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कदम उठाए गए और बच्चों की सुरक्षा तथा निजता को लेकर क्या कार्रवाई की गई। वहीं MeitY से डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया से जुड़े नियामकीय पहलुओं तथा इस मामले में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी मांगी गई है।

इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू नाबालिग बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा है। सोशल मीडिया पर बच्चों से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो या निजी जानकारी तेजी से फैल सकती है और एक बार व्यापक स्तर पर प्रसारित होने के बाद उसे पूरी तरह हटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा केवल किसी वीडियो को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी पहचान, व्यक्तिगत जानकारी और संवेदनशील परिस्थितियों के दोबारा इस्तेमाल को रोकना भी जरूरी है। यदि किसी बच्चे को उसकी इच्छा या हितों के विरुद्ध सोशल मीडिया सामग्री में शामिल किया गया है, तो उसका प्रभाव वीडियो के प्रसारण से आगे भी जा सकता है। इससे बच्चे की मानसिक स्थिति, सामाजिक जीवन और भविष्य पर असर पड़ने की आशंका रहती है।

NHRC के नोटिस के बाद अब Meta, MeitY और एटा जिला प्रशासन के जवाब का इंतजार है। इन जवाबों से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित संस्थाओं का मामले को लेकर क्या पक्ष है और सोशल मीडिया सामग्री के प्रसार को रोकने तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए। फिलहाल मामला NHRC के समक्ष जांच और जवाब की प्रक्रिया में है। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा। हालांकि, यह मामला सोशल मीडिया के दौर में बच्चों की गरिमा, निजता और मानसिक सुरक्षा की रक्षा को लेकर प्लेटफॉर्म, प्रशासन और अभिभावकों की जिम्मेदारी को एक बार फिर सामने लाता है।

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