खेल/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/तेहरान | 7 जून 2026
फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले अमेरिका और ईरान के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका ने ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों और आवश्यक सहयोगी स्टाफ को वीजा जारी कर दिया है, लेकिन ईरान का आरोप है कि टीम के कई महत्वपूर्ण अधिकारियों, तकनीकी सलाहकारों और प्रबंधन से जुड़े सदस्यों को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि खिलाड़ियों और “आवश्यक सपोर्ट स्टाफ” को वीजा दिया गया है, ताकि टीम विश्व कप में भाग ले सके। साथ ही अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खेल प्रतियोगिता की आड़ में किसी ऐसे व्यक्ति को प्रवेश नहीं देगा जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
दूसरी ओर, तुर्की स्थित ईरानी दूतावास ने अमेरिका पर खेलों में राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि टीम के कई वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी सलाहकार और प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण सदस्य वीजा से वंचित कर दिए गए हैं। ईरान ने इसे “भेदभावपूर्ण और राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम” बताते हुए फीफा से हस्तक्षेप की मांग की है।
ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष और उनके उपाध्यक्ष सहित कई अधिकारियों को भी अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली है। इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है।
विशेष बात यह है कि 2026 विश्व कप इतिहास का पहला ऐसा टूर्नामेंट होगा जिसमें मेजबान देश अमेरिका ऐसे राष्ट्र की टीम की मेजबानी करेगा, जिसके साथ उसका प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष चल रहा है। ईरान ने मार्च 2025 में विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था, जबकि दोनों देशों के बीच युद्ध बाद में शुरू हुआ।
ईरान की टीम 15 जून को लॉस एंजिलिस में अपना पहला मुकाबला खेलेगी। इसके बाद उसे बेल्जियम और मिस्र के खिलाफ भी मैच खेलने हैं। सुरक्षा और राजनीतिक विवादों के बीच अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फीफा इस मामले में क्या रुख अपनाता है।




