अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 9 अप्रैल 2026
नेपाल की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पूर्व प्रधानमंत्री Sher Bahadur Deuba के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। यह कार्रवाई उस जांच के आधार पर की गई है जिसमें उनकी संपत्तियों और आर्थिक लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला उस समय और सुर्खियों में आया जब “जेन जी आंदोलन” के दौरान देउबा के आवास पर हंगामा और तोड़फोड़ हुई थी। उसी दौरान यह दावा सामने आया कि उनके घर से जले हुए नोट मिले थे, जिसने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा संदिग्ध बना दिया। इस घटनाक्रम के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल शुरू की।
जांच में यह बात सामने आई कि उनकी संपत्ति में असामान्य बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर धन शोधन से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई गई और अब अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश जारी कर दिया है।
फिलहाल जानकारी के अनुसार, 79 वर्षीय Sher Bahadur Deuba नेपाल से बाहर इलाज करा रहे हैं, जिसके कारण उनकी तत्काल गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी है। इस बीच देउबा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके या उनके परिवार के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह निराधार और गलत हैं।
यह पूरा मामला नेपाल की राजनीति में भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रहा है। आने वाले समय में इस केस की दिशा और कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।




