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नेपाल में भारतीय वाहनों पर सख्ती के खिलाफ उबाल, 7 राजनीतिक दलों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू/सीमावर्ती क्षेत्र | 14 अप्रैल 2026

नेपाल में भारतीय वाहनों पर लगाए गए नए सख्त नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। देश के सात प्रमुख राजनीतिक दलों ने सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इन प्रतिबंधों को तुरंत वापस नहीं लिया गया तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मुद्दे ने सीमा से लेकर राजधानी काठमांडू तक राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। दरअसल, नेपाल प्रशासन ने हाल ही में भारत से आने वाले वाहनों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। नए प्रावधानों के तहत भारतीय नंबर वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों को नेपाल में प्रवेश के लिए विशेष पास और पंजीकरण की प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है। इतना ही नहीं, इन वाहनों की आवाजाही को सीमित क्षेत्र तक ही मान्य किया गया है, जिससे आम लोगों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है।

इन नियमों के खिलाफ सात राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर सरकार पर “जनविरोधी निर्णय” लेने का आरोप लगाया है। दलों का कहना है कि भारत-नेपाल के बीच वर्षों से खुले सीमा संबंध और आपसी आवागमन की परंपरा रही है, जिसे इस तरह के प्रतिबंधों से कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार पीछे नहीं हटती तो सड़क से संसद तक आंदोलन किया जाएगा।

सीमावर्ती इलाकों में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। रोजमर्रा के काम, व्यापार और पारिवारिक आवाजाही प्रभावित हो रही है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इन नियमों से दोनों देशों के बीच छोटे स्तर का व्यापार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है। वहीं आम लोग इसे अनावश्यक सख्ती बता रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल में हालिया सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के सख्त प्रशासनिक रुख के बीच यह विवाद और गहराता जा रहा है। हाल ही में सत्ता में आई नई राजनीतिक व्यवस्था पहले ही कई सुधारात्मक फैसलों को लेकर चर्चा में है, और अब भारतीय वाहनों पर सख्ती ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

अगर यह टकराव बढ़ता है तो इसका असर केवल नेपाल की आंतरिक राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत-नेपाल संबंधों और सीमा पार आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार आंदोलन की चेतावनी के बाद अपना रुख नरम करती है या टकराव और बढ़ता है।

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