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छत्तीसगढ़ वेदांता प्लांट में भीषण धमाका: 10 की मौत, 40 से ज्यादा घायल—कई मजदूर फंसे होने की आशंका

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राष्ट्रीय/ छत्तीसगढ़ | ABC NATIONAL NEWS | रायपुर/सक्ती | 14 अप्रैल 2026

भीषण हादसा: एक धमाके ने उजाड़ दी जिंदगियां

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक भयानक हादसा हो गया, जब प्लांट के बॉयलर में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 10 मजदूरों की मौत की खबर है, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हादसे की वजह: बॉयलर ट्यूब में विस्फोट की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट प्लांट के बॉयलर यूनिट में हुआ। अधिकारियों का कहना है कि बॉयलर ट्यूब में अत्यधिक दबाव या ओवरहीटिंग के कारण यह धमाका हुआ हो सकता है, हालांकि असली कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हादसा दोपहर के समय हुआ, जब बड़ी संख्या में कर्मचारी काम पर मौजूद थे, जिससे नुकसान और ज्यादा बढ़ गया।

अफरा-तफरी और भगदड़: जान बचाने के लिए भागते रहे मजदूर

विस्फोट के तुरंत बाद प्लांट के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके के बाद धुआं और आग फैल गई, जिससे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई मजदूर झुलस गए, जबकि कुछ मलबे में फंस गए। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं और फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश जारी है।

प्रशासन अलर्ट: जांच के आदेश, राहत कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और कहा है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

कंपनी का बयान: ‘घायलों का इलाज हमारी प्राथमिकता’

वेदांता की ओर से जारी बयान में इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया गया है। कंपनी ने कहा है कि उसकी पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है और वह प्रशासन के साथ मिलकर जांच में सहयोग कर रही है। साथ ही हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

बड़ा सवाल: औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर देश में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के हादसे अक्सर लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और नियमित निरीक्षण की कमी के कारण होते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक राज्यों में पहले भी ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं, लेकिन हर बार सबक लेने के बजाय घटनाएं दोहराई जाती हैं।

लापरवाही की कीमत या सिस्टम की विफलता?

सक्ती का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा चेतावनी संकेत है। सवाल यह है कि क्या मजदूरों की जान इतनी सस्ती हो गई है कि हर बार हादसे के बाद सिर्फ जांच और मुआवजे की बात होती है? अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि इस बार जिम्मेदारी तय होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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