राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 जून 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन में उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं तथा उनके दीर्घ और स्वस्थ जीवन की कामना की।
प्रधानमंत्री का यह संदेश सामने आते ही कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था और हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही उन छात्रों के नाम भी लिखे जिनकी मौत परीक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक, भर्ती में देरी और शैक्षणिक दबाव से जुड़े मामलों में हुई थी। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में लिखा कि “हम आपकी आधी उम्र तक भी नहीं पहुंच सके”, और उसके बाद दिवंगत छात्रों के नाम गिनाए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि इस सूची का हर नाम एक ऐसे बच्चे का है जिसके सपने, परिवार और भविष्य थे, लेकिन एक “टूटी हुई व्यवस्था” और जवाबदेही स्वीकार न करने वाली सरकार ने उन्हें छीन लिया। राहुल गांधी ने सवाल किया कि जब प्रधानमंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, तब क्या उन्होंने उन छात्रों के बारे में भी एक पल सोचा जिनके परिवार आज भी न्याय और जवाबदेही की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कांग्रेस लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि देश की परीक्षा और भर्ती व्यवस्था गहरे संकट से गुजर रही है। पार्टी का कहना है कि बार-बार पेपर लीक, परीक्षाओं का रद्द होना, पुनर्परीक्षाएं, सरकारी नौकरियों में देरी और रिक्त पदों ने करोड़ों युवाओं को निराश किया है। हाल ही में राहुल गांधी ने सभी कांग्रेस महासचिवों, प्रदेश अध्यक्षों और संगठन के पदाधिकारियों को पत्र लिखकर भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के “छात्रों की गूंज” अभियान को समर्थन देने का भी आह्वान किया है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं तथा परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का यह भी कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कड़े कानून और सख्त कार्रवाई की व्यवस्था लागू की गई है।
धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन का अवसर इस बार केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा। यह शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य, परीक्षा प्रणाली और सरकार की जवाबदेही को लेकर एक नए राजनीतिक टकराव का कारण बन गया, जिसमें सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपने-अपने संदेश देश के सामने रखे।




