नई दिल्ली 3 अक्टूबर 2025
भारतीय तिरंगे की नई उड़ान
भारत की स्टार भारोत्तोलक और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने एक बार फिर विश्व मंच पर देश का सिर गर्व से ऊँचा किया। नॉर्वे में आयोजित विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। यह उनकी तीसरी वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल है और तीन साल बाद उनकी शानदार वापसी का सबूत भी।
संघर्ष और वापसी की मिसाल
चोटों और लंबी तैयारी के दौर से गुजरने के बावजूद मीराबाई ने हिम्मत नहीं हारी। स्नैच में शुरुआती दो असफल प्रयासों के बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में कमाल किया और लगातार तीन सफल लिफ्ट लगाकर 115 किलोग्राम तक का वजन उठाया। यह जीत उनके धैर्य, अनुशासन और जुनून की मिसाल है।
कड़ी प्रतिस्पर्धा में सिल्वर की चमक
इस प्रतियोगिता में उत्तर कोरिया की Ri Song Gum ने 213 किलोग्राम के कुल भार (91 + 122) के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि थाईलैंड की Thanyathon Sukcharoen ने 198 किलोग्राम (88 + 110) उठाकर कांस्य पदक हासिल किया। इतनी सघन प्रतिस्पर्धा में मीराबाई चानू ने सिल्वर जीतकर यह दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी अब विश्व पटल पर किसी से कम नहीं।
भविष्य की ओर नजर
मीराबाई अब 200 किलोग्राम की बाधा को पार करने का लक्ष्य लेकर तैयारी कर रही हैं। उनके इस प्रदर्शन ने आने वाले ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए भारत की उम्मीदों को और ऊँचा कर दिया है। मीराबाई का यह पदक सिर्फ खेल की उपलब्धि नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है—कि संघर्ष कितना भी कठिन क्यों न हो, मेहनत और जज़्बे से जीत पक्की होती है। मीराबाई चानू ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि असली चैंपियन वही है जो हार मानने से इनकार करे। उनका यह सिल्वर मेडल भारतीय खेल इतिहास का सुनहरा अध्याय है।




