एबीसी नेशनल न्यूज 19 जनवरी 2026
पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित गुल प्लाज़ा में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जब देर रात राहतकर्मियों ने मलबे से चार और शव बरामद किए। इस दुखद घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। आग इतनी भयानक थी कि पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।
रेस्क्यू अधिकारियों के अनुसार, अब भी करीब 70 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने और आग को पूरी तरह बुझाने के काम में जुटे हुए हैं। भारी मशीनों की मदद से इमारत के टूटे हुए हिस्सों को हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। हालांकि, धुएं, गर्मी और इमारत की कमजोर हालत के कारण राहत कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ लोग खिड़कियों से मदद के लिए चिल्लाते दिखे, तो कुछ ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग तक लगा दी। आसपास के लोग भी डर और बेचैनी के माहौल में अपने-अपने तरीके से मदद की कोशिश करते रहे। एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियाँ लगातार मौके पर आती-जाती रहीं और घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया।
सरकारी अधिकारियों ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और कहा है कि घटना की जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग कैसे लगी और क्या सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही हुई थी। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया गया है। साथ ही यह सवाल भी उठने लगे हैं कि इतनी बड़ी इमारत में आग से बचाव के पर्याप्त इंतज़ाम क्यों नहीं थे।
सरल शब्दों में कहें तो गुल प्लाज़ा की यह आग सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला ज़ख्म बन गई है। जिन घरों में कल तक रौनक थी, आज वहां मातम पसरा है। यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि इमारतों में सुरक्षा इंतज़ाम कितने ज़रूरी हैं, ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।




