इस्लामाबाद 22 सितंबर 2025
पाकिस्तान की सेना पर एक बार फिर अपने ही नागरिकों के खून से ज़मीन रंगने का आरोप लगा है। खबर है कि खैबर पख्तूनख्वा में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाते समय पाकिस्तानी सेना ने बमबारी की, जिसमें करीब 30 आम लोगों की मौत हो गई।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जिन इलाकों में कार्रवाई की गई वहां आम लोग फँस गए थे। पुलिस का दावा है कि आतंकी नागरिकों को ढाल बनाकर छिपे हुए थे, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या सेना ने जान-बूझकर अपने ही लोगों को बमों से उड़ाने का फैसला किया?
आम जनता में इस घटना को लेकर गुस्सा और दहशत दोनों है। लोग कह रहे हैं कि पाकिस्तान सरकार और सेना आतंकवाद के नाम पर निर्दोष लोगों की कुर्बानी ले रही है। आलोचकों का कहना है कि यह पाकिस्तानी हुक्मरानों की नाकामी और बर्बरता का सबूत है, जिसने नागरिकों को ही “कोलैटरल डैमेज” बना दिया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह घटना पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और सेना की गिरती साख को उजागर करती है। खैबर पख्तूनख्वा लंबे समय से अशांति का केंद्र रहा है, लेकिन अब वहां के लोग खुद को दोहरी मार झेलते देख रहे हैं—एक तरफ आतंकियों का डर और दूसरी तरफ अपनी ही सेना की बर्बर कार्रवाई। पाकिस्तान पर सवाल अब पहले से ज़्यादा गहरे हैं—क्या वह सचमुच आतंकवाद से लड़ रहा है या फिर अपने ही लोगों का क़त्लेआम कर रहा है?




