मुंबई 5 सितम्बर 2025
महायुति में बढ़ी तनातनी
महाराष्ट्र की महायुति सरकार में ओबीसी और मराठा आरक्षण को लेकर अंदरूनी विवाद तेज हो गया है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ओबीसी मंत्री छगन भुजबल से बात कर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन राउत ने इसे सार्वजनिक रूप से तंज़ में बदल दिया। संजय राउत ने कहा, “अगर भुजबल नाराज हैं तो उन्हें मंत्री पद छोड़ देना चाहिए।” इस बयान ने महायुति में राजनीतिक तनाव और बढ़ा दिया।
ओबीसी और मराठा आरक्षण का विवाद
महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण को ओबीसी कोटे के तहत लागू करने का निर्णय लिया। इससे ओबीसी समुदाय में असंतोष फैल गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ओबीसी महासंघ ने छह दिन की भूख हड़ताल के बाद सरकार से 12 में से 14 मांगें स्वीकार करवाईं, जिसमें ओबीसी कोटे में कटौती न करने का आश्वासन भी शामिल है।
भुजबल की कानूनी चुनौती
ओबीसी मंत्री छगन भुजबल ने सरकार के फैसले को कानूनी चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि वह विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं और अदालत में इसे चुनौती देंगे। भुजबल ने ओबीसी समुदाय से शांतिपूर्ण रहने की अपील की है, ताकि स्थिति और बिगड़े नहीं।
राजनीतिक बयानबाजी और गठबंधन की स्थिरता
विपक्षी दलों ने इस विवाद को लेकर सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि सरकार ने ओबीसी समुदाय के अधिकारों की अनदेखी की। महायुति में भी मतभेद सामने आए हैं, जिससे गठबंधन की स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं।




