संजीव कुमार । कोलकाता 13 दिसंबर 2025
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के सुपरस्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई अफरा-तफरी और अव्यवस्था ने सिर्फ स्थानीय प्रशंसकों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को हैरान कर दिया। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद सार्वजनिक रूप से मेसी से माफी मांगी और इस पूरे बवाल की पूरी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल समुदाय में भी चर्चा का विषय बनी है, और इससे राज्य की प्रशासनिक तैयारियों तथा भीड़ नियंत्रण नीतियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि साल्ट लेक स्टेडियम में जो अव्यवस्था और उपद्रव देखने को मिला, वह अत्यंत दुखद और चौंकाने वाला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का लक्ष्य कोलकाता में फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव देना था, लेकिन कुप्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों ने इसे एक “बुरे सपने” में बदल दिया। ममता ने अपने बयान में कहा कि वे लियोनेल मेसी और उनके प्रशंसकों से दिल से माफी मांगती हैं और इस पूरे मामले की गहन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस घटना के दौरान हजारों की संख्या में भरे स्टेडियम में लोगों का उत्साह जल्दी ही नाराजगी में बदल गया। आयोजनों में मेसी की केवल संक्षिप्त उपस्थिति, प्रशंसकों को अपेक्षित दृश्यता न मिलना और सुरक्षा के अभाव में लोग निराश होकर बोतलें, कुर्सियां तथा अन्य वस्तुएं फेंकने लगे। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए मैदान में घुसने की कोशिश की और बैनर तथा होर्डिंग्स को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे कार्यक्रम को रोकना पड़ा और मेसी को भारी सुरक्षा घेरे में स्टेडियम से जल्दी बाहर जाना पड़ा।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रियाएं तेज़ हुई हैं। विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन में चूक का आरोप लगाया है, जबकि राज्य सरकार का जोर अब जांच के माध्यम से तथ्यों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर है। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि कोलकाता जैसे विश्व विख्यात फुटबॉल-प्रेमी शहर का यह इमेज किसी भी तरह से धूमिल नहीं होना चाहिए और इसलिए दोषों की निष्पक्ष खोज आवश्यक है।
घटना न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में भी चर्चा का विषय बनी है, क्योंकि मेसी एक वैश्विक खेल आइकन हैं और उनका भारत आगमन बड़ी खुशी और उत्साह से देखने को मिला था। हालांकि यह अप्रत्याशित घटना आयोजकों और प्रशंसकों दोनों के लिए निराशा लेकर आई, लेकिन अब ममता बनर्जी के निर्देशित जांच से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में इस तरह की महान हस्तियों के कार्यक्रमों में बेहतर व्यवस्थापन और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।




