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यूपी MLC चुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका, वाराणसी-लखनऊ जैसे गढ़ों में सपा की सेंध; 2027 से पहले बढ़ी चुनौती

11 सीटों के चुनाव में बीजेपी को 6 और समाजवादी पार्टी को 5 सीटें; 2020 के प्रदर्शन से आगे नहीं बढ़ सकी बीजेपी, मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सपा ने दोनों सीटें बरकरार रखीं

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। बीजेपी को अपने मजबूत माने जाने वाले वाराणसी और लखनऊ में झटका लगा है, जबकि समाजवादी पार्टी ने पांच सीटें जीतकर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का संकेत दिया है। बीजेपी ने कुल छह सीटें जीतीं, लेकिन उसका प्रदर्शन 2020 के विधान परिषद चुनाव के बराबर ही रहा। दूसरी ओर, सपा की सीटें तीन से बढ़कर पांच हो गईं। इन नतीजों ने विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की रणनीति और जनसमर्थन को लेकर बहस तेज कर दी है।

मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सपा का दबदबा कायम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में समाजवादी पार्टी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। सपा ने यहां स्नातक और शिक्षक—दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें बरकरार रखीं। विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने 11,612 वोट हासिल किए। वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा विजयी रहे।

वाराणसी जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में बीजेपी का दोनों सीटें न जीत पाना पार्टी के लिए चिंता का विषय है। विधानसभा चुनाव से पहले इन नतीजों ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बीजेपी अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में पहले जैसा समर्थन बनाए रख पा रही है।

लखनऊ में भी बीजेपी को झटका, सपा ने छीनी स्नातक सीट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र लखनऊ में समाजवादी पार्टी की कांती सिंह ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट जीत ली। उन्होंने बीजेपी के अविनाश कुमार सिंह को हराया। इस सीट पर सपा की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही थी।

लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के उमेश द्विवेदी ने 13,179 वोट हासिल कर सीट बरकरार रखी। इस तरह लखनऊ में मुकाबला मिला-जुला रहा, लेकिन स्नातक सीट पर सपा की जीत ने बीजेपी के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी।

आगरा और झांसी में भी सपा की बढ़त

आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के आकाश अग्रवाल ने 14,046 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। यह सीट पहले एक निर्दलीय उम्मीदवार के पास थी, जो बाद में बीजेपी के साथ आ गया था। ऐसे में सपा की जीत ने बीजेपी के लिए एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र में झटका पैदा किया।

बुंदेलखंड क्षेत्र में सपा के मान सिंह यादव ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट बरकरार रखी। उन्होंने 60,358 वोट प्राप्त किए। वाराणसी, लखनऊ, आगरा और झांसी में सपा की जीत ने यह स्पष्ट किया कि बीजेपी को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय स्तर पर अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा।

गोरखपुर में बीजेपी की जीत, लेकिन मुकाबला रहा कड़ा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत राजनीतिक प्रभाव वाले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने 16,790 वोटों के साथ जीत दर्ज की। हालांकि, यहां मुकाबला करीबी रहा और विपक्ष ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार संजयन् त्रिपाठी ने कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए मतगणना का बहिष्कार किया। मतगणना केंद्रों पर आगरा, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी में बीजेपी तथा सपा समर्थकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखी गई। आगरा में मंगलवार रात दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प की खबर सामने आई।

बीजेपी छह सीटों पर सिमटी, सपा की सीटें तीन से बढ़कर पांच

2020 के विधान परिषद चुनाव में बीजेपी ने छह सीटें जीती थीं, जबकि समाजवादी पार्टी को तीन और निर्दलीय उम्मीदवारों को दो सीटें मिली थीं। इस बार बीजेपी छह सीटों पर ही रही, जबकि सपा ने पांच सीटें जीत लीं। यानी बीजेपी अपनी पिछली संख्या से आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि सपा ने दो सीटों का इजाफा किया।

बीजेपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें बरकरार रखीं। मेरठ शिक्षक सीट पर बीजेपी के श्रीचंद शर्मा ने 18,099 वोट हासिल किए, जबकि स्नातक सीट पर दिनेश कुमार गोयल को 24,929 वोट मिले। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर बीजेपी के डॉ. हरि सिंह ढिल्लों 21,672 वोटों के साथ विजयी रहे। आगरा स्नातक सीट पर बीजेपी के मानवेंद्र प्रताप सिंह ने 42,743 वोट लेकर जीत दर्ज की।

बीजेपी नेतृत्व ने मानी अधिक सीटें जीतने की उम्मीद

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी ने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराया है, लेकिन पार्टी को अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि पार्टी नतीजों की समीक्षा करेगी और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रयास करेगी।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बीजेपी कार्यकर्ताओं की मेहनत का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सपा उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि नतीजे INDIA गठबंधन के समर्थन को दर्शाते हैं। उन्होंने बीजेपी के प्रदर्शन को बड़ा झटका बताया।

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने की अपील की

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के माध्यम से शांतिपूर्वक जनता तक संदेश पहुंचाने की सलाह दी। उन्होंने जुलूस और शोर-शराबे से बचने की अपील करते हुए कहा कि माहौल खराब करने की किसी भी कोशिश का अवसर नहीं दिया जाना चाहिए।

2027 से पहले बीजेपी के लिए बढ़ी चुनौती

विधान परिषद चुनाव के ये नतीजे सीधे तौर पर विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं करते, क्योंकि दोनों चुनावों का मतदाता वर्ग और चुनावी समीकरण अलग होते हैं। MLC चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के विशेष मतदाता मतदान करते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में व्यापक मतदाता वर्ग भाग लेता है।

इसके बावजूद वाराणसी और लखनऊ जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बीजेपी को मिली हार तथा सपा की बढ़ी हुई सीटें 2027 से पहले अहम संकेत हैं। बीजेपी के सामने अपने मजबूत क्षेत्रों में समर्थन बनाए रखने, संगठनात्मक कमियों की समीक्षा करने और विपक्ष की चुनौती का जवाब देने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी के लिए इन नतीजों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक उत्साह बढ़ाया है।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बीजेपी इन नतीजों से क्या सबक लेती है और समाजवादी पार्टी इस बढ़त को व्यापक जनसमर्थन में बदलने के लिए किस तरह की रणनीति अपनाती है।

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