अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पेरिस | 26 अगस्त 2026
फ्रांस और सऊदी अरब ने आर्थिक, रक्षा और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा पेरिस के पास करीब 6 अरब यूरो यानी लगभग 7 अरब डॉलर के विशाल थीम पार्क प्रोजेक्ट की हो रही है।
यह प्रोजेक्ट पेरिस से करीब 30 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में Cergy-Pontoise इलाके के पास विकसित किया जाएगा। योजना के तहत यहां तीन थीम पार्क बनाए जाने हैं। इनमें से एक पार्क जापानी मंगा संस्कृति पर आधारित होगा। माना जा रहा है कि इस परियोजना से करीब 22 हजार नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड से जुड़ी कंपनी Qiddiya करेगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने इसे एक असाधारण परियोजना बताते हुए कहा कि इससे पेरिस के आसपास एक ऐसा नया वैश्विक पर्यटन केंद्र विकसित हो सकता है, जिसकी तुलना Disneyland Paris जैसी बड़ी मनोरंजन परियोजनाओं से की जा सके।
ड्रैगन बॉल Z से शुरू हुई थी बात
इस प्रोजेक्ट की कहानी सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के सलाहकार के मुताबिक, मैक्रों और मोहम्मद बिन सलमान के बीच दिसंबर 2024 में रियाद में हुई बातचीत के दौरान दोनों की मंगा में दिलचस्पी सामने आई थी। खास तौर पर Dragon Ball Z को लेकर उनकी साझा रुचि ने इस विचार को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
अब यही चर्चा अरबों डॉलर की एक बड़ी निवेश परियोजना में बदलती दिखाई दे रही है।
थीम पार्क से आगे भी बड़ी साझेदारी
फ्रांस और सऊदी अरब के बीच हुए समझौते सिर्फ पर्यटन तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों ने ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विमानन वित्त, परिवहन, स्वास्थ्य और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।
रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा, एआई प्रशिक्षण और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी समझौते हुए हैं। सऊदी अरब फ्रांस के रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और रियाद अपनी सुरक्षा साझेदारियों को पारंपरिक सहयोगियों से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
फ्रांस की कंपनियों को भी इस साझेदारी से बड़े कारोबारी अवसर मिल रहे हैं। समुद्री लॉजिस्टिक्स कंपनी CMA CGM को सऊदी अरब के जेद्दा इस्लामिक पोर्ट के विकास से जुड़ा करीब 434 मिलियन डॉलर का काम मिला है। वहीं रेल परिवहन कंपनी Alstom को रियाद मेट्रो के लिए करीब 580 मिलियन डॉलर के मेट्रो कोच की आपूर्ति का अनुबंध मिला है।
पश्चिम एशिया पर भी साझा रुख
मैक्रों और मोहम्मद बिन सलमान की बातचीत का एजेंडा कारोबार से आगे बढ़कर पश्चिम एशिया की सुरक्षा तक पहुंचा। दोनों देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य जहाजरानी बहाल करने पर जोर दिया।
दोनों ने गाजा में टिकाऊ युद्धविराम की जरूरत पर भी जोर दिया और फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के समर्थन को दोहराया। इसके साथ ही लेबनान के क्षेत्र से इजरायली वापसी और सीरिया की स्थिरता एवं पुनर्निर्माण के समर्थन की बात कही गई।
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और वाणिज्यिक जहाजों पर किए जा रहे हमलों की भी दोनों नेताओं ने निंदा की।
बदलते पश्चिम एशिया में नई साझेदारी
मोहम्मद बिन सलमान की फ्रांस यात्रा ऐसे समय हुई है जब सऊदी अरब पश्चिम एशिया में अपनी आर्थिक और सुरक्षा साझेदारियों को तेजी से व्यापक बना रहा है। हाल में तुर्की और पाकिस्तान के साथ मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के बाद यह उनकी पहली विदेश यात्रा भी है।
इस पूरी यात्रा से एक बात साफ दिखाई देती है—सऊदी अरब अब सिर्फ तेल और ऊर्जा के लिए नहीं, बल्कि पर्यटन, तकनीक, रक्षा, एआई और वैश्विक निवेश के लिए भी नए साझेदार तलाश रहा है। दूसरी ओर फ्रांस खाड़ी क्षेत्र में अपने आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव को मजबूत करना चाहता है।
पेरिस के पास बनने वाला यह थीम पार्क इसलिए सिर्फ मनोरंजन का प्रोजेक्ट नहीं है। यह बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और पश्चिम एशिया की नई कूटनीतिक तस्वीर में फ्रांस-सऊदी साझेदारी की बढ़ती गहराई का प्रतीक भी बन सकता है।




