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मंदिरों में हाथियों के इस्तेमाल पर बनेगी SOP, मद्रास हाईकोर्ट का तमिलनाडु सरकार को निर्देश

पर्यावरण/ राष्ट्रीय/ तमिलनाडु/ | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 1 अक्टूबर 2026

 

मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिरों के उत्सवों और धार्मिक आयोजनों में हाथियों की भागीदारी को लेकर तमिलनाडु सरकार को स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पशु कल्याण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करते हुए Standard Operating Procedure (SOP) तैयार करने को कहा है। इस SOP में धार्मिक आयोजनों और मंदिर उत्सवों के दौरान हाथियों की भागीदारी, उनकी सुरक्षा और उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार से जुड़े नियम शामिल होंगे।

संयुक्त कार्य समूह बनाने का निर्देश

मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की प्रथम पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए तमिलनाडु सरकार के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं वन विभाग के सचिव और हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग के सचिव को पहले एक Joint Working Group (JWG) गठित करने का निर्देश दिया।

यह समूह मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में हाथियों की भागीदारी से जुड़े मौजूदा नियमों और व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगा तथा उनके कल्याण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए SOP तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

30 अक्टूबर को कोर्ट में रखना होगा ड्राफ्ट

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि तैयार किए जाने वाले SOP का ड्राफ्ट 30 अक्टूबर 2026 को अदालत के सामने पेश किया जाए। इसके बाद कोर्ट इस पर विचार करेगा और आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।

अदालत का जोर इस बात पर है कि धार्मिक और मंदिर आयोजनों में हाथियों की भागीदारी निर्धारित पशु कल्याण और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।

मंदिर उत्सवों में हाथियों की भागीदारी पर नियम जरूरी

तमिलनाडु में कई मंदिर उत्सवों और धार्मिक आयोजनों में हाथियों की पारंपरिक रूप से भागीदारी होती है। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहते हैं। इसलिए हाथियों की सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं और आयोजकों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है।

प्रस्तावित SOP में इन आयोजनों के दौरान हाथियों की देखभाल, उनके इस्तेमाल की परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े मानकों को व्यवस्थित तरीके से शामिल किया जाना है।

सरकार और संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे व्यवस्था

अदालत के निर्देश के अनुसार पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं वन विभाग तथा HR&CE विभाग को मिलकर Joint Working Group बनाना होगा। इसके जरिए विभिन्न पहलुओं पर विचार कर एक ऐसी प्रक्रिया तैयार की जाएगी जिसे मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में लागू किया जा सके।

अब सरकार द्वारा गठित संयुक्त कार्य समूह की रिपोर्ट और तैयार किए जाने वाले SOP के ड्राफ्ट पर अगली सुनवाई में अदालत के सामने चर्चा होगी।

30 अक्टूबर 2026 को SOP का ड्राफ्ट अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद मंदिर उत्सवों में हाथियों की भागीदारी को लेकर नियमों की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

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