राजनीति | अरिंदम बनर्जी | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 7 मई 2026
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच डीएमके प्रमुख और कार्यवाहक मुख्यमंत्री M. K. Stalin का बड़ा बयान सामने आया है। स्टालिन ने कहा है कि अभिनेता से राजनेता बने C. Joseph Vijay को सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान स्टालिन ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, तो उसे सरकार गठन का अवसर मिलना चाहिए। स्टालिन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अगले छह महीने तक नई सरकार के कामकाज पर नजर रखेगी, लेकिन अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं करेगी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम इस बार बेहद दिलचस्प रहे हैं। राज्य की राजनीति में वर्षों से प्रभाव रखने वाली डीएमके और AIADMK के बीच पहली बार किसी नई राजनीतिक ताकत ने मजबूत चुनौती पेश की है। विजय की पार्टी TVK ने चुनाव में उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया और कई सीटों पर बड़े दलों को कड़ी टक्कर दी। चुनाव परिणामों के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि स्टालिन का बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। माना जा रहा है कि डीएमके फिलहाल विपक्ष की भूमिका निभाते हुए खुद को जिम्मेदार और लोकतांत्रिक पार्टी के रूप में पेश करना चाहती है। दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि अगर TVK सरकार बनाने में सफल नहीं होती, तो भविष्य में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
इस बीच राज्य में सरकार गठन को लेकर लगातार बैठकों और जोड़-तोड़ की राजनीति जारी है। विभिन्न दल अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, कई पार्टियां अपने विधायकों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराकर राजनीतिक संपर्क बनाए हुए हैं। वहीं AIADMK ने अब तक TVK को समर्थन देने के संकेत नहीं दिए हैं, जिससे सरकार गठन का रास्ता और जटिल होता दिखाई दे रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से क्षेत्रीय दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। ऐसे में विजय की पार्टी का अचानक मजबूत राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरना राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। फिल्मी दुनिया में लोकप्रियता हासिल करने के बाद विजय ने राजनीति में प्रवेश किया था और युवाओं के बीच उनकी पकड़ को चुनाव परिणामों में साफ तौर पर देखा गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि TVK को सरकार बनाने का अवसर मिलता है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा में बहुमत साबित करने की होगी।
चुनाव परिणाम आने के बाद राज्यपाल की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। संवैधानिक परंपराओं के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी को पहले सरकार बनाने का मौका दिया जा सकता है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी बयान दे चुके हैं कि सबसे बड़े दल को ही पहला अवसर मिलना चाहिए।
तमिलनाडु में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में राज्यपाल का फैसला यह तय करेगा कि राज्य में सत्ता की चाबी किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल राजनीतिक दल समर्थन जुटाने और रणनीति बनाने में जुटे हैं, जबकि जनता नई सरकार के गठन का इंतजार कर रही है।




