एबीसी नेशनल न्यूज | 5 फरवरी 2026
दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाला देश माना जाता है। अनुमान है कि उसके पास 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल है, जो दुनिया के कुल तेल भंडार का लगभग पाँचवां हिस्सा है।
इसके बावजूद वेनेजुएला आज बहुत कम तेल उत्पादन कर पा रहा है, जो दुनिया के लिए एक बड़ा विरोधाभास माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण यह है कि वेनेजुएला का तेल बहुत भारी और गाढ़ा होता है, जिसे निकालना और प्रोसेस करना महंगा और कठिन होता है। इस तेल को पाइपलाइन में भेजने के लिए अलग से रसायन मिलाने पड़ते हैं, जिससे लागत और बढ़ जाती है।
दूसरा बड़ा कारण है तेल उद्योग में लंबे समय से निवेश की कमी और खराब प्रबंधन। कई वर्षों तक बुनियादी ढांचे की मरम्मत और नई तकनीक पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे तेल उत्पादन लगातार गिरता गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध भी एक बड़ी वजह बने। खासकर अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण विदेशी कंपनियों का निवेश कम हुआ और तेल उद्योग को जरूरी तकनीक और पूंजी नहीं मिल पाई।
राजनीतिक अस्थिरता ने भी इस समस्या को और बढ़ाया। सरकार और नीतियों में बार-बार बदलाव के कारण विदेशी कंपनियां निवेश करने से हिचकती रही हैं।
एक समय ऐसा था जब वेनेजुएला रोज़ 30 लाख बैरल से ज्यादा तेल पैदा करता था, लेकिन अब उत्पादन घटकर लगभग 10 लाख बैरल प्रतिदिन से भी कम रह गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिर सरकार, निवेश और तकनीकी सुधार मिलें, तो वेनेजुएला फिर से बड़ा तेल उत्पादक बन सकता है। लेकिन इसके लिए उद्योग को दोबारा खड़ा करने में कई साल और भारी निवेश की जरूरत होगी।




