लेह / लद्दाख, 25 सितंबर 2025 —
लद्दाख बौद्ध संगठन (Ladakh Buddhist Association) ने रविवार को दावा किया कि लेह में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन में मारे गए प्रदर्शनकारियों की मौत गोली लगने की वजह से हुई है। संगठन ने यह आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने लाइव फायरिंग की, जिससे कुछ सम्मिलित युवाओं की स्थिति गंभीर हो गई।
LBA ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी मांग है कि तुरंत एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो, जिसमें वास्तविक कारण सामने आएँ और दोषी अधिकारियों को कड़ी सजा मिले। संगठन ने कहा कि यदि यह आरोप सत्य साबित हुए, तो यह लोकतंत्र और मानवाधिकारों की गंभीर उल्लंघन होगी।
इस बीच, केंद्र और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि अभी तक मौतों के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। गृह मंत्रालय ने बताया कि पुलिस और सुरक्षाबलों ने आवश्यक कार्रवाई की और स्थिति नियंत्रण में लाई। अधिकारियों ने कहा कि हिंसा के दौरान बल प्रयोग करना मजबूरी थी क्योंकि जिन्हेंड़ड़ाता कर रहे प्रदर्शनकारियों ने स्थिर व्यवस्था को भंग किया।
प्रदर्शनकारियों की मौतों के बाद लद्दाख में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय संगठन, समाजसेवी एवं राजनीतिक नेता इस मामले में देशव्यापी ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बौद्ध संगठन के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना लॉ एंड ऑर्डर, संविदानिक अधिकार और केंद्र–प्रदेश संबंधों के परिप्रेक्ष्य में बड़ी भूमिका निभा सकती है।




