संजीव कुमार | वडोदरा 11 जनवरी 2026
वडोदरा के स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 4 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज़ में 1–0 की बढ़त बना ली। यह जीत जितनी स्कोरबोर्ड पर आसान दिखती है, उतनी ही मैदान पर संघर्षपूर्ण और रोमांच से भरी रही। एक ओर जहां विराट कोहली की शानदार 93 रनों की पारी ने रनचेज़ की नींव रखी, वहीं अंत में केएल राहुल की सूझबूझ भरी नाबाद पारी ने भारत को जीत की दहलीज़ पार कराई।
न्यूज़ीलैंड की मज़बूत शुरुआत, मिचेल का विस्फोट
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवर में 300/8 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
डेवोन कॉनवे (56) और हेनरी निकोल्स (62) ने ठोस शुरुआत दी, लेकिन असली रंग दिखाया डैरिल मिचेल ने। मिचेल ने मात्र 71 गेंदों पर 84 रन ठोकते हुए भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। अंत के ओवरों में न्यूज़ीलैंड ने तेजी से रन बटोरे और भारत के सामने 301 रन का लक्ष्य रखा।
भारतीय गेंदबाज़ी: सिराज-राणा की मेहनत
भारतीय गेंदबाज़ों ने पूरी कोशिश की।
मोहम्मद सिराज और हर्षित राणा ने 2–2 विकेट लेकर रनगति पर ब्रेक लगाया, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने भी अहम विकेट चटकाए। हालांकि बीच के ओवरों में मिचेल की आक्रामक बल्लेबाज़ी ने भारत को थोड़ी परेशानी में डाल दिया।
रनचेज़ की शुरुआत: रोहित जल्दी लौटे, गिल ने संभाला मोर्चा
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 26 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल (56) ने एक छोर संभाले रखा और पारी को स्थिरता दी। गिल ने संयम और समझदारी के साथ खेलते हुए बड़े लक्ष्य की नींव रखी।
विराट कोहली की क्लासिक पारी: रनचेज़ का दिल
मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रहे विराट कोहली। कोहली ने 91 गेंदों पर 93 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 1 छक्का शामिल था। यह पारी पूरी तरह क्लास, धैर्य और अनुभव से भरी हुई थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि कोहली शतक पूरा करेंगे, लेकिन 93 के स्कोर पर उनका आउट होना दर्शकों को थोड़ा निराश कर गया।
मिडिल ऑर्डर का योगदान: अय्यर और राणा की तेज़ बल्लेबाज़ी
कोहली के बाद श्रेयस अय्यर (49) ने तेज़ स्ट्राइक रेट से खेलते हुए दबाव कम किया। वहीं हर्षित राणा (29) ने निचले क्रम में उपयोगी रन जोड़कर मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया। हालांकि लगातार विकेट गिरने से मुकाबला आखिरी ओवरों तक खिंच गया।
केएल राहुल की शांत फिनिशिंग: जीत की मुहर
जब मैच तनावपूर्ण मोड़ पर था, तब केएल राहुल ने अपनी पहचान के मुताबिक शांत, संयमित और जिम्मेदार बल्लेबाज़ी की। राहुल ने 21 गेंदों पर नाबाद 29 रन बनाते हुए टीम को 6 गेंद शेष रहते जीत दिला दी। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर क्रीज़ पर टिके रहे और भारत ने 49 ओवर में 306/6 बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
क्या कहती है ये जीत?
यह जीत भारत के लिए सिर्फ सीरीज़ की बढ़त नहीं, यह संदेश भी है कि दबाव में टीम इंडिया का अनुभव और गहराई अब भी उसकी सबसे बड़ी ताक़त है। कोहली की फॉर्म, राहुल की फिनिशिंग और युवा खिलाड़ियों का योगदान—सब मिलकर भारत को आगे के मैचों के लिए मज़बूत स्थिति में ले जाते हैं। नज़रें सीरीज़ के अगले मुकाबले पर होंगी, जहां न्यूज़ीलैंड वापसी की कोशिश करेगा और भारत बढ़त को मज़बूत करने उतरेगा।




