इटली के शहर पेसारो में क्रिसमस उत्सव के लिए बनाए गए एक अस्थायी आइस रिंक ने अचानक अंतरराष्ट्रीय सुर्खियाँ बटोर ली हैं। वजह—दुनिया के सबसे मशहूर ओपेरा स्टारों में से एक लूसियानो पावारोट्टी की प्रतिमा को इस तरह रिंक के बीच घुटनों तक बर्फ में “क़ैद” कर देना कि वह मानो किसी मनोरंजन शो का हिस्सा लग रही हो। इस दृश्य ने जहां स्थानीय प्रशासन की संवेदनहीनता को सामने रखा, वहीं पावारोट्टी की विधवा निकोलट्टा मैन्तोवानी को गहरा आघात पहुँचाया। मैन्तोवानी ने स्थानीय मीडिया से कहा कि वह “गुस्से और दुख” से भर गई हैं क्योंकि एक ऐसे व्यक्ति की स्मृति के साथ मज़ाक किया गया जिसने इटली को दुनिया के सांस्कृतिक मानचित्र पर गर्व से स्थापित किया।
दरअसल, पेसारो के मुख्य पियाज़ा में इस वर्ष एक बड़े क्रिसमस आइस रिंक का निर्माण किया गया था। लेकिन रिंक बनाने वाली डिज़ाइन टीम ने अपने नक्शे में बदलाव करते हुए पावारोट्टी की प्रतिमा को हटाने के बजाय उसे रिंक के भीतर ही घेर दिया—चारों ओर प्लास्टिक (पर्सपेक्स) की दीवारें, नीचे बर्फ और बीच में महान गायक की मूर्ति। यह दृश्य सामने आते ही सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, और #PavarottiOnIce हैशटैग के साथ मज़ाकिया पोस्टों की भरमार हो गई। हालाँकि शहर के मेयर आंद्रेआ बियानकानी ने तुरंत सफाई दी कि यह उनकी मंशा नहीं थी, बल्कि “निर्माण संबंधी मजबूरियों” के कारण ऐसा हुआ और उन्होंने स्वीकार किया कि नगर परिषद से “गलती हो गई” है।
स्थिति को और विवादास्पद बनाने वाला एक और कदम यह था कि रिंक खुलने से पहले स्वयं मेयर ने सोशल मीडिया पर एक एडिटेड तस्वीर पोस्ट कर दी जिसमें पावारोट्टी की प्रतिमा को हॉकी स्टिक पकड़े—मानो आइस हॉकी खेलते—दिखाया गया था। उन्होंने #DaiUnCinqueAPavarotti (पावारोट्टी को हाई-फाइव दें) जैसे हैशटैग का इस्तेमाल भी किया। यह पोस्ट मैन्तोवानी सहित पावारोट्टी के प्रशंसकों को बेहद आपत्तिजनक लगी और इसे महान कलाकार की विरासत के साथ खिलवाड़ बताया गया।
यह प्रतिमा अप्रैल 2024 में स्थापित की गई थी, जिसका अनावरण स्वयं मैन्तोवानी और उनकी बेटी ऐलिस ने किया था। पावारोट्टी का पेसारो से गहरा संबंध रहा है—यह शहर उनका अवकाशप्रिय ठिकाना था और यहाँ उनकी एक सुंदर विला भी थी। इसलिए स्थानीय लोगों के लिए यह प्रतिमा सिर्फ़ एक स्मारक नहीं बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में उसे क्रिसमस सजावट का शगल बना देना शहर के सम्मान पर भी सवाल खड़ा करता है।
बियानकानी ने अब साफ़ कर दिया है कि इस चरण पर न तो प्रतिमा को हटाया जा सकता है और न ही रिंक को तोड़ा जा सकता है, लेकिन उन्होंने वादा किया कि “ऐसा दोबारा नहीं होगा”। हालांकि आलोचकों का कहना है कि संवेदनशील निर्णय लेने में प्रशासन की असावधानी ने शहर को अनावश्यक विवाद में डाल दिया और पावारोट्टी जैसी शख़्सियत की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई।
लूसियानो पावारोट्टी को दुनिया भर में ओपेरा की महानतम आवाज़ों में गिना जाता है। उनकी ‘थ्री टेनर्स’ प्रस्तुतियाँ, 1990 फुटबॉल वर्ल्ड कप में गाया गया प्रसिद्ध गीत नेसन डोर्मा, और 2006 ट्यूरिन विंटर ओलंपिक में अंतिम प्रदर्शन—ये सब उन्हें सांस्कृतिक इतिहास में अमर बनाते हैं। 2007 में अग्नाशय कैंसर से उनका निधन हो गया, लेकिन वह आज भी दुनिया के सबसे प्रिय संगीतकारों में शामिल हैं।
पेसारो का “पावारोट्टी ऑन आइस” प्रकरण फिलहाल इटली में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और महान कलाकारों के सम्मान की बहस को फिर से जगा चुका है। अगर आप चाहें, मैं इसी विषय पर एक दमदार हेडलाइन, ट्वीट-थ्रेड या टीवी न्यूज़ स्क्रिप्ट भी तैयार कर सकता हूँ।




