अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | यरुशलम | 14 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Israel के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी रुख पूरी तरह उचित है और इज़राइल इस पर खुलकर अमेरिका के साथ खड़ा है। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में उनकी बातचीत JD Vance से हुई, जिन्होंने इस्लामाबाद से लौटते समय उन्हें फोन कर ईरान के साथ चल रही वार्ता की विफलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नेतन्याहू के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक स्पष्ट समझौता हुआ था कि फायरिंग रोकी जाएगी और ईरान तुरंत समुद्री रास्तों, खासकर स्ट्रेट्स को खोल देगा। लेकिन उनका आरोप है कि ईरान ने इस समझौते का पालन नहीं किया, जिसे अमेरिका ने गंभीर उल्लंघन मानते हुए सख्त रुख अपनाया।
इज़राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि Donald Trump प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ईरान के पास मौजूद सभी संवर्धित (एनरिच्ड) परमाणु सामग्री को हटाना और भविष्य में किसी भी तरह के परमाणु संवर्धन को रोकना है। उन्होंने इसे इज़राइल की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक बताया।
नेतन्याहू ने आगे बताया कि ईरान द्वारा समझौते के उल्लंघन के बाद अमेरिका ने उस पर नेवल ब्लॉकेड लगाने का फैसला किया है। इस फैसले का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि इज़राइल और अमेरिका के बीच इस समय जिस स्तर का तालमेल है, वह पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका और इज़राइल के बीच मतभेद हैं। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच रोजाना संवाद हो रहा है और रणनीतिक स्तर पर गहरा सहयोग बना हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल दो देशों के बीच सामान्य सहयोग नहीं है, बल्कि इतिहास में पहली बार ऐसा तालमेल देखने को मिल रहा है, जहां दुनिया की सबसे ताकतवर शक्ति के साथ मिलकर इज़राइल बड़े खतरों का सामना करने की स्थिति में है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नेतन्याहू का यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि आने वाले समय में ईरान को लेकर अमेरिका और इज़राइल की रणनीति और भी आक्रामक हो सकती है।




