खेल | ABC NATIONAL NEWS | 8 सितंबर 2026
नई शुरुआत, नया अंदाज और बल्ले से जोरदार जवाब
ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट के नए सत्र की शुरुआत जिस अंदाज में की है, उसने भारतीय क्रिकेट में उनकी वापसी की उम्मीदों को एक बार फिर मजबूत कर दिया है। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने दोहरा शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। यह पारी सिर्फ आंकड़ों में बड़ी नहीं थी, बल्कि इसे ईशान के नए आत्मविश्वास और बदले हुए नजरिए का संकेत भी माना जा रहा है। लंबे समय तक उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद उन्होंने जिस तरह मैदान पर खुद को दोबारा साबित किया है, वह उनके लिए घरेलू सत्र की इससे बेहतर शुरुआत शायद ही हो सकती थी।
खुद को बदलने की कोशिश का नतीजा
ईशान किशन के इस नए रूप को समझने के लिए केवल उनके बल्ले से निकले रनों को देखना पर्याप्त नहीं है। उनके खेल में आए बदलाव के पीछे आत्ममंथन और अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आत्ममंथन का मतलब सिर्फ अपनी कमियों को पहचानना नहीं, बल्कि ईमानदारी से यह समझना भी है कि कहां गलती हुई और बेहतर बनने के लिए क्या बदलना जरूरी है। ईशान के मामले में यह बदलाव उनके रवैये, तैयारी और मैदान पर प्रदर्शन में दिखाई देता है।
दोहरा शतक बना बड़ा बयान
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दोहरा शतक ईशान की प्रतिभा का बड़ा बयान है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने लंबी पारी खेलकर न सिर्फ रन बनाए बल्कि यह भी दिखाया कि वह दबाव में धैर्य के साथ बड़ी पारी खेलने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में इस तरह की पारी किसी भी खिलाड़ी के आत्मविश्वास को बढ़ाती है और चयनकर्ताओं का ध्यान भी खींचती है। ईशान के लिए यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नए सत्र की शुरुआत में आई है और उन्होंने बल्ले से सीधे अपना दावा पेश किया है।
‘ईशान किशन 2.0’ क्यों खास है?
ईशान किशन को हमेशा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और स्वाभाविक प्रतिभा के लिए जाना गया है, लेकिन अब चर्चा उनके खेल के साथ उनके नजरिए की भी हो रही है। एक खिलाड़ी जब अपनी गलतियों को स्वीकार करता है, अपनी तैयारी पर काम करता है और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता है, तो उसके प्रदर्शन में भी उसका असर दिखाई देता है। ईशान की मौजूदा शुरुआत इसी बदलाव की ओर इशारा करती है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्होंने पूरी तरह अपना पुराना दौर पीछे छोड़ दिया है, लेकिन दोहरा शतक निश्चित रूप से एक मजबूत शुरुआत है।
टीम इंडिया की राह फिर खुल सकती है?
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन ईशान के लिए भारतीय टीम में वापसी का रास्ता मजबूत कर सकता है। हालांकि चयन पूरी तरह प्रदर्शन, टीम की जरूरत और चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करेगा। फिलहाल ईशान के पास सबसे महत्वपूर्ण मौका यही है कि वह इस शानदार शुरुआत को लगातार प्रदर्शन में बदलें। एक बड़ी पारी खिलाड़ी को चर्चा में ला सकती है, लेकिन लगातार रन ही वापसी के दावे को मजबूत बनाते हैं।
एक पारी नहीं, नई कहानी की शुरुआत
ईशान किशन के लिए दलीप ट्रॉफी का यह दोहरा शतक सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं, बल्कि खुद को दोबारा साबित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब असली चुनौती इस प्रदर्शन को आगे ले जाने की है। अगर वह घरेलू सत्र में लगातार रन बनाते हैं और अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता बनाए रखते हैं, तो ‘ईशान किशन 2.0’ सिर्फ एक सुर्खी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट में उनकी नई पारी की पहचान बन सकती है।




