एबीसी नेशनल न्यूज | 14 जनवरी 2026
तेहरान — ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ईरान ने एक सख्त और साफ संदेश दिया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर उस पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया गया, तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। ईरान ने संकेत दिए हैं कि ऐसी स्थिति में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और तुर्की में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
ईरान का कहना है कि इन देशों में अमेरिका के कई अहम सैन्य अड्डे मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जा सकता है। ईरानी अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि अगर इन देशों की जमीन या हवाई क्षेत्र से अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, तो उन्हें भी इसके नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब पूरा मध्य पूर्व पहले से ही तनाव और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
इस बयान के बाद क्षेत्र के आम लोगों में चिंता और डर का माहौल और गहरा गया है। जानकार मानते हैं कि किसी भी युद्ध या बड़े टकराव का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को ही भुगतना पड़ता है—चाहे वह सुरक्षा हो, रोज़मर्रा की जिंदगी हो या आर्थिक हालात। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की यह चेतावनी दबाव बनाने और विरोधियों को सतर्क करने की रणनीति हो सकती है, लेकिन इससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। सऊदी अरब, यूएई और तुर्की पहले भी यह दोहरा चुके हैं कि वे अपने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना चाहते हैं। अब सबकी नजर अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया पर टिकी है—क्या तनाव और बढ़ेगा या कूटनीति और बातचीत के जरिए हालात को संभालने की कोशिश की जाएगी।




