खेल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 8 मई 2026
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी 10 फ्रेंचाइज़ियों को 7 से 8 पन्नों की एक विस्तृत एडवाइजरी जारी करते हुए सुरक्षा, अनुशासन और प्रोटोकॉल पालन को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। इस एडवाइजरी में खास तौर पर “हनी ट्रैप”, अनधिकृत संपर्क, होटल सुरक्षा और खिलाड़ियों की निजी गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
सूत्रों के मुताबिक BCCI सचिव देवजीत सैकिया द्वारा भेजे गए इस दस्तावेज में कहा गया है कि मौजूदा IPL सीजन के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। इनमें होटल रूम में बाहरी लोगों की एंट्री, देर रात बिना सूचना बाहर जाना और प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी जैसे मामले शामिल हैं।
बोर्ड ने साफ तौर पर कहा है कि IPL जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को “टार्गेटेड कम्प्रोमाइज” और “हनी ट्रैप” जैसी गतिविधियों से खतरा हो सकता है। इसी वजह से अब सुरक्षा को लेकर “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” लागू की जा रही है।
नई गाइडलाइन के तहत अब किसी भी खिलाड़ी, कोच या सपोर्ट स्टाफ के होटल रूम में बिना लिखित अनुमति कोई बाहरी व्यक्ति नहीं जा सकेगा। किसी भी मेहमान से मुलाकात केवल होटल लॉबी या सार्वजनिक क्षेत्र में ही की जा सकेगी। टीम मैनेजर की मंजूरी के बिना किसी को निजी कमरे तक ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
BCCI ने देर रात बाहर जाने को भी बड़ा सुरक्षा जोखिम माना है। सभी खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को होटल से बाहर निकलने से पहले टीम सिक्योरिटी लायजन ऑफिसर (SLO) और टीम इंटीग्रिटी ऑफिसर (TIO) को जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। खिलाड़ियों की मूवमेंट का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि फ्रेंचाइज़ी मालिकों और अधिकारियों के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मैच के दौरान टीम मालिक खिलाड़ियों से सीधे संपर्क नहीं करेंगे। ड्रेसिंग रूम, डगआउट और मैदान के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश केवल निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ही होगा। खिलाड़ियों को गले लगाने, मैच के दौरान रणनीतिक हस्तक्षेप करने या कैमरों के सामने अत्यधिक सक्रियता दिखाने जैसी गतिविधियों को भी अब प्रोटोकॉल उल्लंघन माना जाएगा।
हाल ही में कुछ खिलाड़ियों से जुड़े वेपिंग और ई-सिगरेट विवाद के बाद BCCI ने इस पर भी सख्त रुख अपनाया है। नई एडवाइजरी में कहा गया है कि IPL वेन्यू, टीम होटल, ड्रेसिंग रूम और प्रैक्टिस एरिया में वेपिंग और ई-सिगरेट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बोर्ड ने यह भी याद दिलाया कि भारतीय कानून के तहत कई प्रकार की ई-सिगरेट गतिविधियां दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं।
BCCI ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना, निलंबन, मैच बैन और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। बोर्ड का कहना है कि IPL सिर्फ एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारत की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स ब्रांड वैल्यू में से एक है, जिसकी वैश्विक छवि बनाए रखना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों रुपये की इस लीग में ग्लैमर, सोशल मीडिया, सट्टेबाजी नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय प्रभावों के बीच खिलाड़ियों की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा संवेदनशील विषय बन चुकी है। यही वजह है कि BCCI अब सिर्फ मैदान पर प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के व्यवहार, अनुशासन और सुरक्षा प्रबंधन पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।
IPL 2026 में अब मुकाबला सिर्फ रन और विकेट का नहीं, बल्कि प्रोफेशनलिज्म, अनुशासन और सुरक्षा मानकों का भी माना जा रहा है।




