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डैलस में भारतीय की हत्या, प्रवासियों पर बढ़ते हमलों से दहशत

वाशिंगटन 4 अक्टूबर 2025

अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय को एक बार फिर झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। हैदराबाद के रहने वाले 28 वर्षीय युवक की टेक्सास के डैलस शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक वारदात ऐसे समय में हुई है जब अभी एक महीने पहले ही भारतीय मूल के नागमल्लैया की बेरहमी से सिर काटकर हत्या की घटना ने प्रवासी भारतीयों को सदमे में डाल दिया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से भारतीय मूल के लोगों में दहशत और गुस्से का माहौल है।

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, घटना डैलस के रिचलैंड क्षेत्र में देर रात हुई, जहां पीड़ित युवक पर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। युवक को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, और यह पता लगाया जा रहा है कि यह हमला लूटपाट, नस्लीय घृणा या व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़ा था।

परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान संतोष रेड्डी (28) के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ वर्षों से डैलस में नौकरी कर रहा था। वह आईटी क्षेत्र से जुड़ी एक अमेरिकी कंपनी में कार्यरत था। परिवार के मुताबिक, संतोष रेड्डी की शादी की तैयारी भारत में चल रही थी और वह दिसंबर में छुट्टी लेकर घर लौटने वाला था। उनकी मौत की खबर सुनते ही हैदराबाद के चंदननगर इलाके में मातम का माहौल है। परिवार और दोस्तों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि मेहनती और शांत स्वभाव का युवक इस तरह मारा जा सकता है।

भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि डैलस पुलिस और अमेरिकी प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। दूतावास ने कहा कि परिवार को हर संभव सहायता दी जाएगी और शव को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं भारत सरकार ने भी इस हत्या को लेकर चिंता जताई है और विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से सुरक्षा और जांच रिपोर्ट मांगी है।

इस घटना ने अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते एक साल में टेक्सास, इलिनॉय, और न्यू जर्सी जैसे राज्यों में भारतीयों पर हमलों की कई घटनाएँ दर्ज हुई हैं। कई मामलों में यह हमले नस्लीय नफरत (racial hate crimes) से प्रेरित पाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि “भारतीयों के बढ़ते आर्थिक और पेशेवर प्रभाव” के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

नागमल्लैया की हत्या, जो एक महीने पहले हुई थी, अब भी भारतीय समुदाय के दिलों में ताज़ा है। अब संतोष रेड्डी की हत्या ने उस दर्द को और गहरा कर दिया है। दोनों ही घटनाएँ इस बात की ओर इशारा करती हैं कि अमेरिका में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन और भारत सरकार दोनों को ठोस कदम उठाने होंगे।

संतोष रेड्डी की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रवासी भारतीयों की बढ़ती असुरक्षा का प्रतीक बन गई है। डैलस की इस वारदात ने फिर साबित कर दिया है कि “अमेरिकन ड्रीम” की चमक के पीछे अब असुरक्षा और अनिश्चितता का अंधेरा भी गहराने लगा है।

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