बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जून 2026
दुनिया की सबसे बड़ी मैसेजिंग सेवा WhatsApp की कमान अब एक भारतीय उद्यमी के हाथों में होगी। CRED के संस्थापक और भारत के चर्चित स्टार्टअप लीडर कुणाल शाह को WhatsApp का नया ग्लोबल चीफ नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही Meta ने CRED में 900 मिलियन डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) के बड़े निवेश का ऐलान कर तकनीकी और स्टार्टअप जगत में नई हलचल पैदा कर दी है।
यह नियुक्ति केवल एक कॉर्पोरेट बदलाव नहीं, बल्कि वैश्विक तकनीकी नेतृत्व में भारत की बढ़ती ताकत का प्रतीक मानी जा रही है। दुनिया भर में अरबों लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले WhatsApp की रणनीतिक कमान अब ऐसे भारतीय उद्यमी के हाथ में होगी, जिसने भारतीय फिनटेक क्षेत्र में कई नए प्रयोग किए हैं।
Meta का बड़ा दांव, CRED को मिला अरबों का सहारा
WhatsApp की मूल कंपनी Meta ने कुणाल शाह की नियुक्ति के साथ ही CRED में 900 मिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार यह पूंजी CRED के विस्तार, नए उत्पादों के विकास और ESOP बायबैक कार्यक्रम में इस्तेमाल की जाएगी। इससे कर्मचारियों और शुरुआती निवेशकों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश Meta की भारत-केंद्रित रणनीति का हिस्सा है। भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल उपभोक्ता बाजार बन चुका है और Meta इस बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करना चाहता है।
FreeCharge से WhatsApp तक का सफर
कुणाल शाह का नाम भारतीय स्टार्टअप जगत में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उन्होंने सबसे पहले FreeCharge को सफल बनाकर पहचान बनाई और बाद में CRED के जरिए क्रेडिट कार्ड आधारित रिवॉर्ड इकोनॉमी का नया मॉडल पेश किया।
उनकी पहचान केवल एक उद्यमी के रूप में नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी बिजनेस थिंकर के रूप में भी है। स्टार्टअप समुदाय में उनके विचारों और प्रबंधन शैली को विशेष महत्व दिया जाता है। यही वजह है कि Meta जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गज ने WhatsApp के भविष्य की जिम्मेदारी उन्हें सौंपने का फैसला किया।
भारत बनेगा WhatsApp की नई रणनीति का केंद्र?
WhatsApp का सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार भारत में है। करोड़ों लोग रोजमर्रा की बातचीत, व्यापार, भुगतान और सरकारी सेवाओं के लिए इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भारतीय बाजार की गहरी समझ रखने वाले कुणाल शाह का नेतृत्व कंपनी के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में WhatsApp डिजिटल पेमेंट, AI आधारित कम्युनिकेशन, बिजनेस मैसेजिंग और ई-कॉमर्स इंटीग्रेशन के क्षेत्र में बड़े बदलाव देख सकता है। Meta भी आने वाले वर्षों में WhatsApp को केवल मैसेजिंग ऐप नहीं बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना चाहता है।
भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए ऐतिहासिक क्षण
कुणाल शाह की नियुक्ति भारतीय उद्यमिता के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। पिछले एक दशक में भारत ने वैश्विक तकनीकी क्षेत्र को कई बड़े सीईओ और शीर्ष अधिकारी दिए हैं, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की कमान किसी भारतीय को मिलना अपने आप में बड़ी घटना है।
यह संदेश भी स्पष्ट है कि भारतीय प्रतिभा अब केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक तकनीकी कंपनियों की दिशा और भविष्य तय करने की स्थिति में पहुंच चुकी है।
WhatsApp के भविष्य पर टिकी दुनिया की नजर
अब सबकी निगाहें कुणाल शाह के अगले कदमों पर हैं। क्या वह WhatsApp को एक नई दिशा देंगे? क्या Meta भारत को अपना सबसे बड़ा नवाचार केंद्र बनाएगा? और क्या WhatsApp आने वाले वर्षों में डिजिटल सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत करेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाला समय देगा, लेकिन इतना तय है कि WhatsApp की कमान भारतीय हाथों में पहुंचना भारत की डिजिटल यात्रा का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय है।




